पुल से नदी में गिरकर महिला की मौत

काजा (लाहौल-स्पीति)। स्पीति नदी में गिरने से एक महिला की मौत हो गई है। महिला स्पीति नदी पर बने अस्थायी पुल को पार करते वक्त सीधे नदी में जा गिरी। पानी का तेज बहाव महिला को काफी दूर तक बहा ले गया। हालांकि लोग महिला को तत्काल नदी से निकालकर अस्पताल ले आए। लेकिन काजा अस्पताल में चेकअप के बाद डाक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। हादसा बुधवार शाम को करीब सात बजे हुआ। काजा प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है…

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लाहौल में तीन माह बाद खुले मंदिरों के कपाट

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। स्वर्ग लोक से शक्ति अर्जित कर घाटी के देवी-देवता अपने स्थान पर पुन: विराजमान हो गए हैं। मंदिरों के कपाट बंद के दौरान लगी कुछ बंदिश से भी आगामी वर्ष तक के लिए टूट चुके हैं। सोमवार को शीत मरुस्थल लाहौल घाटी में मंदिरों के कपाट खुल गए हैं। पौ फटते ही घाटी के हर मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ शंख की आवाज से मंदिर गुंजायमान रहा। बर्फबारी के बीच तीन माह बंद होते ही मंदिरों के कपाट खुलते ही रौनक लौट आई। पूजा-अर्चना का दौर भी अब…

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रोहतांग पर पहुंचे बीआरओ के जवान

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। सामरिक महत्त्व रखने वाले मनाली-लेह मार्ग को बहाल करने में बीआरओ (मौसम सीमा सड़क संगठन) की मुहिम में मौसम बार-बार खलल डाल रहा है। बावजूद इसके कामगारों और जवानों के हौसले बुलंद हैं। बीआरओ के जवान बर्फ का सीना चीरकर मनाली की ओर से रोहतांग टॉप पर पहुंच चुके हैं। मंगलवार सुबह नौ बजे से ही रोहतांग दर्रे पर बर्फबारी का क्रम जारी रहा लेकिन बीआरओ के जवानों का अभियान इस दौरान भी चलता रहा। बीआरओ का लक्ष्य रोहतांग दर्रे को गत वर्ष के मुकाबले इस बार पहले…

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राहनीनाला से आगे निकला बीआरओ

कोकसर (लाहौल-स्पीति)। रोहतांग फतेह अभियान के तहत बीआरओ के जवान बुलंद हौसले के साथ राहनीनाला पार गए। राहनीनाला के पास बर्फ की 40 फुट तक ऊंची दीवार को काटकर जवान अब क्रैशर मोड़ के पास रोहतांग बहाली के लिए डटे हैं। कोकसर की तरफ से भी बीआरओ की टीम ग्राम्फू के बाईपास के करीब पहुंच चुकी है। इसके चलते पैदल चलने वाले राहगीरों को राहत मिली है। यात्रियों को अब मात्र 14 किलोमीटर ही पैदल चलना पडे़गा। इससे उनकी यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी। बीआरओ के कमांडर कर्नल योगेश…

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रोहतांग के उस पार जल्द पहुंचेगे वाहन

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। मौसम मेहरबान रहा तो बीआरओ के साथ एक नई उपलब्धि जुड़ने में अब देर नहीं लगेगी। समुद्रतल से 13050 फुट ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रे पर ट्रैफिक बहाल करने के लिए सीमा सड़क संगठन के जवान इतिहास रचने की ओर अग्रसर हैं। गत वर्ष दर्रा 24 अप्रैल को बहाल हुआ था लेकिन इस बार मौसम के साथ न होने के बावजूद भी संगठन के जवानों के हौसले बुलंद हैं। बीआरओ के अधिकारियों और जवानों का लक्ष्य गत वर्ष के मुकाबले इस बार दर्रे को जल्द बहाल करना है।…

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बर्फीले तूफान से मुश्किल में पड़ सकते हैं आप

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। व्हाइट टैरर(श्वते आतंक) के नाम से मशहूर रोहतांग दर्रा भारी बर्फ के बीच मौत की घाटी के नाम से जाना जाता है। फिर भी लोग इस पर बेखौफ हो कर बचाव चौकियों में बिना नाम व पता पंजीकरण किए हुए कदमताल कर रहे हैं। शायद लोग 19 नवंबर, 2009 का दिन भूल गए है। उस दिन बर्फीले तूफान से झारखंड के आठ मजदूर जिंदा दफन हो गए थे। इस खौफनाक मंजर से आज हर भी लोग सहमे हुए है। बावजूद लोग बिना किसी परवाह के दर्रा को लांघ…

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तत्काल प्रभाव से बदला जाए एसडीओ

काजा (लाहौल स्पीति)। यहां आयोजित ग्रामसभा में आईपीएच विभाग के कर्मचारियों पर सर्दी के मौसम में यहां से गायब रहने के आरोप जड़े गए। वहीं प्रस्ताव पास कर एसडीओ को तत्काल प्रभाव से यहां से बदलने की मांग की गई। ग्राम सभा में लोगों ने आरोप लगाए कि सर्दी के पूरे मौसम में लोकल स्टाफ के अलावा आईपीएच विभाग का पूरा स्टाफ गायब था। ग्राम सभा में एडीएम सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। ग्राम पंचायत प्रधान पदमा दोरजे और उप प्रधान नोरबू राम का कहना था कि…

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तांदी-जम्मू मार्ग यातायात को बहाल

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। शीत मरुस्थल लाहौल घाटी के तांदी से किस्तवाड़-जम्मू सड़क मार्ग यातायात के लिए बहाल हो गया है। घाटी में जनजीवन पटरी पर आते ही और जम्मू की ओर से मार्ग बहाल होते ही आतंकी घटनाओं की आशंका देखते हुए पुलिस और आईटीबीपी जवानोें ने सुरक्षा घेरा भी कस दिया है। शुक्रवार को सीमा सड़क संगठन के अथक प्रयासों के बाद लाहौल घाटी, तांदी-किस्तवाड़ के रास्ते जम्मू मार्ग से जुड़ गई। चंबा के साथ सटे जम्मू-कश्मीर तक करीब 216 किलोमीटर लंब इस बार्डर एरिया पर हिमाचल पुलिस और आईटीबीपी…

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तीन माह बाद शेष विश्व से जुड़ा काजा

काजा (लाहौल स्पीति)। तीन माह से शेष विश्व से कटे काजा के लिए वीरवार देर शाम से यातायात बहाल हो गया। भारी बर्फबारी के चलते करीब तीन माह से शिमला से काजा के लिए यातायात सुविधा पूर्ण रूप से बंद थी। हालांकि, जान पर खेल कर उक्त मार्ग पर छोटे वाहन चल रहे थे, लेकिन वह भी लोगों के तीन गुना अधिक किराया वसूल रहे थे। इसके चलते लोगों को भारी परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा था। घाटी में 17 जनवरी को हुई भारी बर्फबारी के चलते किन्नौर…

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लाहौल के भीतर कब दौड़ेंगी बसें

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। शीत मरुस्थल लाहौल घाटी में जनजीवन पटरी पर लौट आया है लेकिन सरकार के हुक्मरानों की नींद अभी तक नहीं खुली है। घाटी के अंदरूनी हिस्सों के मुख्य सड़क मार्ग बस सेवा को तैयार हैं। लेकिन सर्दियों में कुल्लू शिफ्ट एचआरटीसी केलांग डिपो का स्टाफ अभी तक लाहौल घाटी नहीं पहुंच पाया। इस कारण लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोग टैक्सियाें में सफर करने को विवश हैं। लाहौल-कुल्लू के बीच हेलीकाप्टर सेवा बीस मार्च से ठप है। ऐसे में हजाराें लोग रोहतांग दर्रे के आरपार…

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