प्रदेश में पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को मर्ज या डाउनग्रेड किया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री की मंजूरी के लिए भेज दिया है। नए शैक्षणिक सत्र के दौरान इन स्कूलों में नाममात्र ही दाखिले हुए हैं। प्रदेश में चल रही पंचायतीराज चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद कैबिनेट बैठक में इन स्कूलों को लेकर फैसला होगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों में 75 विद्यार्थियों से कम नामांकन वाले 11 कॉलेज भी बंद करने की तैयारी है।