बजट 2013: हिमाचली सरकार को बिजली प्रोजेक्ट पैकेज मिले तो सुधरेगी तस्वीर

हिमाचल प्रदेश पहाड़ी राज्य होने के कारण दूसरे राज्यों से कुछ अलग है। यहां लोगों की कमाई का साधन मात्र छोटी-मोटी कृषि ही है।
आम बजट 2013-14 के दौरान यहां के ईमानदार लोगों की इच्छाएं हैं कि उन्हें काजा की तरह अलग से पैकेज मुहैया करवाया जाए, ताकि वे पहाड़ी राज्य के कठोर जीवन में जिंदगी गुजर बसर कर सकें।

पहाड़ी राज्य का अधिकतम क्षेत्र वनों से ढका है। लोगों को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से अधिकतम राशन मुहैया करवाया जाता था, लेकिन सरकार ने अब राशन पर दी जाने वाली सबसिडी को लोगों को सीधे तौर पर दिए जाने का फैसला लिया है।

इसी के चलते लोगों में यह उम्मीद जगी है कि यहां के मुख्यमंत्री इस पैकेज को और बढ़ाने की कोशिश करेंगे। इस बजट से हिमाचली आवाम जिसने यहां कांग्रेस के हाथ सत्ता सौंपी है, को बहुत आशाएं हैं। यूपीए सरकार को इस राज्य में आगामी लोकसभा चुनावों में वही कांग्रेसी रुझान देखना चाहेगी इसके लिए उसे हिमाचल की आवाम का दिल जितने के लिए अलग से पैकेज मुहैया करवाना होगा।

यहां के लोग अधिकतम पॉलीहाउस लगाकर अपनी जीविका बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यहां की परिस्थितियां दूसरे राज्यों से भिन्न हैं। कृषि पैकेज के तहत हिमाचल के लिए अलग से बजट मुहैया करवाया जाए इसके तहत लोगों ने जो पॉलीहाउस बनवाने के लिए बैंकों से लोन ले रखा है उस कर्ज को माफ करने की भी इन्हें इस बजट से उम्मीद है।

प्रदेश में बिजली प्रोजेक्टों की बहार सी आ गई है, पर इन प्रोजेक्टों में अधिकतम शेयर या तो भारत के दूसरे राज्यों का है। या फिर कोई निजी कंपनी इन प्रोजेक्टों को बनवाकर अधिक मुनाफा कमाना चाहती है। यदि इस बजट सत्र के दौरान हिमाचल के लिए कुछ विद्युत प्रोजेक्टों के लिए अलग से बजट मुहैया करवाया जाए, तो यहां कि आवाज को रोजगार के कई साधन मिल पाएंगे। इससे हिमाचल प्रदेश के सकल घरेलू उत्पादन में भी वृद्धि होगी और यहां की आवाज की प्रति व्यक्ति आय भी सुधरेगी।

वहीं हिमाचल प्रदेश दूसरे राज्यों को तो रोशन करता है, लेकिन केंद्र सरकार को इस बात का पता होना चाहिए कि यहां कृषि ही एक मात्र अजीविका लोगों की कमाई का साधन है, लेकिन यहां की अजीविका ही बनाए जा रहे बांधों से डूब रही है तो, वे लोग क्या कमा पाएंगे। क्योंकि जो खेतीबाड़ी करने वाली छोटी-छोटी समतल घाटियां हैं, वे बांधों के कारण पानी में डूब रही हैं, जिससे यहां के लोगों की कमाई का साधन छिन रहा है। इसके चलते संप्रग सरकार को चाहिए कि इस बजट सत्र में वे प्रदेश की आवाम को मुफ्त में बिजली मुहैया करवाए, जैसा की देश को कुछ राज्यों के हिस्सों को केंद्र सरकार मुहैया करवा रही है।

वहीं प्रदेश में अभी तक कोई भी ब्राजगेज रेल लाइन नहीं हैं, यहां पर ब्राजगेज रेल लाइन का विस्तार रेल बजट के तहत इस सत्र में केंद्र की यूपीए सरकार को करना चाहिए। इसके अलावा संप्रग सरकार को चाहिए कि वे यहां फोर-लेन रोड का विस्तार जल्द से जल्द करवाने के लिए अधिक आर्थिक पैकेज मुहैया करवाए। वहीं यहां के जो युवा बेरोजगार हैं जिन्होंने स्नातक की उपाधि प्राप्त की है, उन्हें बेरोजगारी भत्ता मुहैया करवाया जाए।

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