
मंडी। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर यूनियन ने सरकार पर महिला कर्मचारियाें की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। राज्य प्रधान इंदिरा ठाकुर ने कहा कि बाल विकास परियोजना को वर्ष 1975 में शुरू किया था। लेकिन कार्यरत महिला वर्कर्स और हेल्पर को आज भी सुविधाओं से महरूम रखा जा रहा है। यूनियन की मांगाें को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। हस्ताक्षरित ज्ञापन जुलाई में पीएम को भेजा जाएगा।
सीटू से संबंधित आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर यूनियन की रविवार को मंडी में बैठक हुई। इसमें यूनियन की मांगों को लेकर विचार विमर्श किया गया। यूनियन के राज्य प्रधान ने कहा कि सालों की सेवा के बाद भी आंगनबाड़ी कर्मियाें को सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जा रहा। न ही न्यूनतम वेदन सरकार आंगनबाड़ी कर्मियों को दे रही है। कहा कि आगामी बजट में आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में वृद्धि और उन्हें रेगुलर करने की मांग पीएम से की जाएगी। उन्हाेंने राज्य सरकार पर भी आंगनबाड़ी कर्मियों की अनदेखी का आरोप लगाया है। राज्य प्रधान ने कहा कि पंजाब की तर्ज पर मानदेय न देने के खिलाफ यूनियन 7 जुलाई को शिमला में धरना देगी। यदि इसके बाद भी मांगें नहीं मानी तो आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखकर हड़ताल की जाएगी। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुमित्रा ठाकुर, सीटू जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, गुरुदास वर्मा, छमां देवी, लज्जा देवी, प्रतिमा, हिमाचली, कृष्णा राणा, महासचिव राजकुमारी, सहसचिव भावना राणा और मंजूला ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
