सभी निजी स्कूल प्रबंधक तलब

ऊना। जिले के सभी निजी स्कूल प्रबंधकों को उपायुक्त अभिषेक जैन ने तलब किया है। स्कूलों में क्या सुविधाएं बच्चों को दी जा रही हैं और स्कूल निर्धारित मापदंडों को पूरा कर रहे हैं या नहीं, इन बिंदुओं पर स्कूल प्रबंधकों से रिपोर्ट मांगी जाएगी? जिले में निजी शैक्षणिक संस्थानों की संख्या 250 से अधिक है। तीन वर्षीय अर्शप्रीत की हादसे में मौत के बाद प्रशासन जाग गया है। प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लेते हुए स्कूल प्रबंधकों को 21 अप्रैल को ऊना बुलाया है।
इस दौरान स्कूल प्रबंधकों को अपने-अपने शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित तमाम दस्तावेजों की प्रतियां भी लानी होंगी। एडीसी दर्शन कालिया स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक कर पूरी जानकारी हासिल करेंगे और उपायुक्त को रिपोर्ट सबमिट करेंगे। उपायुक्त के इस निर्णय से निजी स्कूल प्रबंधकों के हाथ पांव फूल गए हैं। कई निजी स्कूलों में भारी भरकम फीस के अनुरूप बच्चों को सुविधाएं ही मुहैया नहीं कराई जा रही हैं। टकारला में हुए हादसे में पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि स्कूल क ी ओर से मुहैया कराई गई जिस सूमो ने अर्शप्रीत को कुचला है, उस सूमो में अटेंडेंट था ही नहीं। परिजनों का आरोप है कि चालक हादसे के बाद 45 मिनट तक बच्चे को सूमो में घुमाता रहा। सभी बच्चों को घर पहुंचाने के बाद अर्शप्रीत को अस्पताल ले जाया गया। सूत्र बताते हैं कि कुछ निजी स्कूल प्रबंधकों ने तय मापदंडों को पूरा नहीं किया है। दो तीन कमरों की व्यवस्था करके कइयाें ने स्कूल चला रखे हैं। स्कूल बसों और अन्य छोटे वाहनों में भी स्कूली बच्चों को ठूंस ठूंसकर भरा जाता है।
उपायुक्त अभिषेक जैन ने कहा कि इस तरह के मामलों पर भी प्रशासन सख्त कड़ा रुख अपनाएगा। बच्चों की सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। उपायुक्त ने कहा कि जो स्कूल निर्धारित मापदंड पूरे नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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