
कुल्लू। सार्वजनिक स्थलों में धूम्रपान करने वालों के चालान काटकर जिला प्रशासन ने 4.80 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। पिछले वर्ष की गई इस कार्रवाई के दौरान 39 सौ लोगों के चालान काटे गए। इस साल अभी तक इस अधिनियम के तहत 51 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। यह जानकारी डीसी शरभ नेगी ने सोमवार को बचत भवन में आयोजित कार्यक्रम में दी।
उन्होंने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2003 (कोटपा-2003) के तहत कुल्लू को स्मोक फ्री जिला घोषित भी किया। नेगी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश वालंटियर हेल्थ एसोसिएशन (एचपीवीएचए) और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चलाए स्मोक फ्री अभियान में विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम लोगों की भागीदारी से कुल्लू जिला ने यह मुकाम हासिल किया है। कुल्लू हिमाचल का पहला जिला बन गया है।
उन्होंने कहा कि कोटपा-2003 के प्रावधानों के अनुसार किसी भी सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान करना अपराध है। उपायुक्त शरभ नेगी ने स्मोक फ्री अभियान में सराहनीय कार्य करने वाले विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मानित भी किया। इससे पहले कोटपा-2003 के नोडल अधिकारी एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. सुशील चंद्र शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष जिला में सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वाले 3900 से अधिक लोगों के चालान किए गए। इनसे जुर्माने के रूप में करीब 4.80 लाख की धनराशि वसूली गई। इस वर्ष अभी तक 51 हजार का जुर्माना किया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बलदेव ठाकुर, एचपीवीएचए के कंसल्टेंट एवं पूर्व आईएएस अधिकारी एसएन जोशी, अध्यक्ष पीआर रमेश, कार्यकारी निदेशक डा. नरेंद्र शर्मा और विश्व स्वास्थ्य संगठन के क्षेत्रीय सलाहकार डा. जेपी नारायण ने तंबाकू के दुष्प्रभावों तथा कोटपा-2003 के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान एसडीएम कुल्लू, एसडीएम मनाली, विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
