
काईस (कुल्लू)। काईस क्षेत्र के राऊगली, सोयल, सौर, कोटाधार, बिष्टबेहड़, मझधारी तथा चोगिन क्षेत्रों में निजी बस सेवा बंद होने से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों को मजबूरन टैक्सियों या फिर पैदल सफर करना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक निगम की बसों में स्कूली बच्चे सफर करते हैं। मुफ्त बस सेवा होने के कारण इनमें काफी भीड़ होती है। ऐसे में निजी बसों से आम लोगों को राहत मिलती थी लेकिन इन बसों के बंद होने अब परेशानी बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने कहा कि इस बारे में वे कई बार आरटीओ से मिले चुके हैं लेकिन कोई हल नहीं हो पाया। करीब दस किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर निजी बसों के बंद होने से इन गांवों के लोग खासे परेशान हैं। अब ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाने की बात कही है।
ग्रामीण बाला राम, मेहर चंद, लाल चंद, पूने राम, मान चंद, श्याम लाल, दीनानाथ, हेम राज, परमानंद, दोतराम, दूनी चंद, राजीव, संजीव, टिकम राम, चमन लाल, चेत राम, रेवत राम, मीना लाल और वार्ड पंच मोहर सिंह ने बताया कि इस रूट पर निजी बस सेवा बंद होने से उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। उन्होंने आरटीओ कुल्लू से इस रूट पर कई माह से बंद पड़ी निजी बस सेवा को दोबारा शुरू करने की मांग की है।
आरटीओ अश्वनी कुमार ने बताया कि निजी बस इस रूट पर चलती थी। बस के मालिक ने उसे रिप्लेसमेंट करने को भेजा है। बताया कि रिप्लेसमेंट के लिए कम से कम तीन माह का समय लगता है। जैसे ही बस रिप्लेसमेंट से वापस आएगी तो तुरंत रूट को बहाल किया जाएगा।
