
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद को फिर से ऊपरी सदन में पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। भाजपा और पीडीपी ने एकजुट होकर आजाद को घेरने की व्यूहरचना की है। नेशनल कांफ्रेंस के समर्थन के बावजूद आजाद की मुश्किलें अभी कम नहीं हुईं हैं।
सारा दारोमदार निर्दलीय और अन्य विधायकों पर निर्भर हो गया है। नतीजतन कांग्रेस निर्दलियों का समर्थन हासिल करने की जीतोड़ कोशिश में जुटी है। उधर, पीडीपी और भाजपा ने भी निर्दलीय विधायकों से तार जोड़ लिया है। लिहाजा, मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की भी निर्दलीय विधायकों से फोन पर बातचीत हुई है। राम माधव लगातार संपर्क में हैं और पीडीपी के मुफ्ती व्यूहरचना कर निजी दौरे पर मुंबई रवाना हो गए हैं। भाजपा विधायकों के साथ राम माधव और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की बैठकें हो चुकीं हैं।
