टैक्स छूट नहीं मिलने उद्यमी निराश

टैक्स छूट नहीं मिलने उद्यमी निराश
नालागढ़/ बद्दी(सोलन)। हिमाचल प्रदेश में विशेष औद्योगिक पैकेज में कैपिटल सब्सिडी 2017 तक बहाल होने का जिला के उद्योगपतियों ने स्वागत किया है। वहीं टैक्स छूट न मिलने पर निराशा जताई है। उद्योगपतियों का कहना है कि अन्य प्रदेशों में 02 फीसदी सेल टैक्स (विक्रय कर) हिमाचल में पहले 01 फीसदी था। अब यह 1.5 फीसदी हो गया है। प्रदेश सरकार की इस बढ़ोतरी से उद्योगपतियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
बद्दी-बरोटीवाला इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र गुलेरिया, महासचिव वाईएस गुलेरिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेष अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, संजीव खुराना, सीआईआई के वाइस चेयरमैन अरुण रावत आदि ने कैपिटल सब्सिडी 2017 तक बहाल करने का स्वागत किया है, लेकिन टैक्स छूट न मिलने पर निराशा जताई है। उद्यमियों ने सरकार से औद्योगिक क्षेत्रों के आधारभूत ढांचे को विकसित करने और सेल टैक्स की बढ़ोतरी को कम करने की मांग उठाई है। जिससे उद्योगपतियों को राहत मिल सके। उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि खामियों को दुरुस्त बनाकर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना सरकार की पहली प्राथमिकता है। औद्योगिक पैकेज और कैपिटल सब्सिडी बढ़ने से निश्चित तौर पर औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

प्रयास बेहतर पर अधूरे
परवाणू (सोलन)। परवाणू इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रधान अनिल सहगल और सचिव राकेश बंसल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने औद्योगिक पैकेज की मियाद बढ़ाने के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं, लेकिन यह प्रयास अधूरे हैं। इस पैकेज के बढ़ने से उत्पादन कर रहे उद्योगों को खास लाभ नहीं होगा। छोटे लघु उद्योग लग सकते हैं। कैपिटल सब्सिडी की मियाद केंद्रीय सरकार ने लगभग दो माह पहले ही 2017 तक बढ़ा दी थी। कर और आयकर छूट उद्योगपतियों ने मांगी है।

पैकेज बढ़ने पर बेहतरी की आस
वर्ष 2003 में मिले औद्योगिक पैकेज को 2010 में वापस ले लिया गया। इस अवधि में प्रदेश में 48 हजार करोड़ का निवेश होना था, वहीं सिर्फ 13 हजार करोड़ का ही निवेश हो सका। करीब 35 हजार करोड़ के निवेश को करारा झटका लगा। अब आस है कि पैकेज बढ़ने व कैपिटल सब्सिडी मुहैया होने से औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे उद्योग जगत लाभान्वित होगा। सर्वाधिक औद्योगिक इकाइयां जिला सोलन में हैं।

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