
गोपेश्वर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण की स्थिति साफ होते ही दावेदारों में बवाल मचना शुरू हो गया है। कई ग्राम पंचायतों में दूसरी बार भी ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य सीट आरक्षित होने से जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में आपत्तियां आनी शुरू हो गई हैं।
कर्णप्रयाग ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिवाईं इस वर्ष अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो गई है। पूर्व में यह प्रधान पद ओबीसी के लिए आरक्षित था। ग्रामीण सुरेंद्र सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायत में आरक्षित वर्ग की संख्या करीब दो सौ है, जबकि सामान्य जाति की संख्या इससे दोगुना है। कर्णप्रयाग ब्लॉक के ही ग्राम पंचायत सुनाई में भी ग्राम प्र्रधान पद आरक्षित होने पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीण रमेश जोशी ने कहा कि गांव में 186 परिवार सामान्य और 45 परिवार अनुसूचित जाति के हैं, इसके बावजूद ग्राम प्रधान पद को आरक्षित कर दिया गया है। उन्होंने सीट को सामान्य करवाने की मांग उठाई है। दशोली ब्लॉक की ग्राम पंचायत अगथला सीट भी अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित की गई है। जबकि यहां एसटी वर्ग के ग्रामीण बेहद कम हैं।
कोट-
आरक्षण का सही निर्धारण करने के बाद ही सूची सार्वजनिक की गई है। किसी को सीटों के आरक्षण को लेकर आपत्ति है तो वे ग्राम प्रधान के लिए 25, क्षेत्र पंचायत के लिए 26 और जिला पंचायत सीट के लिए 27 नवंबर को आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। जिस पर पुनर्विचार किया जाएगा। – आरएस असवाल, डीपीआरओ, चमोली।
