
नई दिल्ली। रेडियो टैक्सी की तर्ज पर अब एक कॉल करने पर ऑटो वाला आपके घर पहुंच जाएगा। आप ऑटो रिक्शा में बैठकर जहां तक जाएंगे, उतनी दूरी का ही किराया देना होगा। गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर वीमेंन सेफ्टी एंड एम्पावरमेंट (सीडब्ल्यूएसई) एक जुलाई से दिल्ली में राजधानी राइड के नाम से यह सर्विस शुरू करने जा रही है।
इसके तहत जीपीएस व पैनिक बटन से लैस ऑटो रिक्शा की बुकिंग करने वाले यात्री को एक ट्रिप आईडी दिया जाएगा। इस खास ट्रिप आईडी की मदद से रिश्तेदार या आईडी जानने वाला कोई भी व्यक्ति वेबसाइट पर ऑटो रिक्शा को ट्रैक कर सकेगा। सीधे कॉल सेंटर से जुड़े ऑटो रिक्शा की इंटेलिजेंट ट्रैकिंग सिस्टम से भी निगरानी होगी। इससे ऑटो चालक जान बूझकर लंबे रूट से भी नहीं ले जा पाएगा क्योंकि ऐसा करने पर कॉल सेंटर में पता चल जाएगा।
सीडब्ल्यूएसई की प्रवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता श्रद्धा ठाकुर बताती हैं कि राजधानी में महज 9,200 एसी व नॉन एसी रेडियो टैक्सी हैं। नॉन एसी 12.50 रुपये प्रति किमी तो एसी 23 रुपये प्रति किमी पर इनकी कॉल या वेब बुकिंग होती है। राजधानी राइड नाम से एक जुलाई को शुरू की जाने वाली सर्विस से कम खर्च में सुलभ यात्रा मिल सकेगी। क्योंकि ऑटो रिक्शा रेडियो टैक्सी से एक तिहाई किराए में उपलब्ध है।
राजधानी राइड सर्विस का प्लेटफार्म तैयार करने वाले मूलचंद त्यागी बताते हैं कि सर्विस पांच सौ ऑटो से सेवा शुरू होगी। शुरुआत में यात्री से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा। जो राशि यात्री से सुविधा के नाम पर ली जाएगी उसमें ऑटो चालकों की ट्रेनिंग, उसका तीन लाख रुपये का बीमा दिया जाएगा। अहम है कि राजधानी में रजिस्टर्ड ऑटो रिक्शा की संख्या 80 हजार से ज्यादा है।
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कैसे मिलेगा आपको राजधानी राइड ऑटो रिक्शा
एजेंसी एक जुलाई को एक विशेष नंबर जारी करेगी। वह नंबर डायल करने पर कॉल सेंटर में बैठा कर्मी आपको ऑटो रिक्शा की उपलब्धता की सूचना देगा। कुछ मिनट में ही आपके पास ऑटो रिक्शा नंबर, चालक का मोबाइल नंबर व उपलब्धता का समय एसएमएस से आएगा। जहां आप ऑटो रिक्शा में बैठेंगे और जहां उतरेंगे, उतनी दूरी का मीटर में आने वाला किराया भुगतान करना होगा। इसकी रसीद भी चालक आपको देगा।
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सरकार को शुरू करना था कॉल सेंटर?
जून, 2010 में जब दिल्ली सरकार ने ऑटो रिक्शा के किराए बढ़ाने की घोषणा की थी तब जीपीएस युक्त ऑटो रिक्शा को कॉल सेंटर से जोड़ने की बात भी कही गई थी। मगर आज तक यह कॉल सेंटर शुरू नहीं हो सका और ना ही सभी पुराने ऑटो रिक्शा में जीपीएस लगा पाया। जबकि उसके बाद दिल्ली में 4 मई को ऑटो रिक्शा का किराया एक बार फिर बढ़ा दिया गया था।
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9,200 एसी व नॉन एसी रेडियो टैक्सी
23 रुपए प्रति किमी है एसी रेडियो टैक्सी का किराया
12.50 रुपए प्रति किमी है नॉन एसी इकोनॉमी रेडियो टैक्सी का किराया
80,000 से ज्यादा ऑटो रिक्शा हैं दिल्ली में
25 रु.(प्रारंभिक दो किमी) उसके बाद 8.00 रु प्रति किमी किराया
लोकल टैक्सी का किराया
25 रु.(1 किमी), उसके बाद नॉन एसी काली-पीली टैक्सी में 14.0 रु. प्रति किमी व एसी में 16.0 रु. प्रति किमी है किराया
