
ऊना। जिले में ट्रिपल राइडिंग के बढ़ते चलन से सड़क हादसों में बढ़ोतरी हुई है और कई अनमोल जानें जा चुकी हैं। इसके लिए सामाजिक क्षेत्र के हितार्थ कार्य करने वाली संस्थाएं पुलिस से अधिक समाज को जिम्मेदार मानती हैं। संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने समाज के सभी वर्गों को जागरूक किए जाने पर जोर दिया है। ट्रिपल राइडिंग करने वालों का चालान काटने के साथ उन्हें इस संदर्भ में व्यापक रूप से जागरूक करने की भी बात कही है। यूथ गुरु सेवा समिति के अध्यक्ष गुरदीप सिंह, महासचिव राजीव शर्मा ने बताया कि पुलिस प्रशासन का कानून व्यवस्थाओं को बनाए रखने का अहम कार्य होता है। इसलिए सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी को इसमें सुनिश्चित करते हुए चालान कटवाने वालों की लगभग दो से तीन घंटे की काउंसिलिंग मात्र इसी विषय पर करवाई जानी चाहिए। जिसमें उनके अभिभावकों को भी शामिल किया जाना चाहिए। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के हितों के लिए कार्य करने वाली यूथ गुरु सेवा समिति का मानना है कि युवाओं का इस दिशा में जागरूक होना अति आवश्यक है।
उधर, महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य करने वाले युवा सेवा क्लब की चेयरपर्सन सुरजीत कौर और अध्यक्ष मोहन लाल मोहणी ने बताया कि हादसों में ट्रिपलिंग का बहुत बड़ा हाथ है। इसलिए सभी वर्गों को जागरूक करने की आवश्यकता है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में गली और नुक्कड़ों में जागरूकता अभियानों के तहत लोगों को ट्रिपल राइडिंग के खिलाफ जागृत करना होगा। जिससे काफी हद तक लोगों को ऐसे कदम उठाने से रोकने में सफलता मिल सकती है। उधर, शिवालिक सेवा समिति सोहारी के अध्यक्ष डा. सुरेश गर्ग का कहना है कि युवाओं और छात्रों में ट्रिपलिंग के बढ़ते प्रचलन को रोकने के लिए अभिभावकों को जागरूक करने की अधिक जरूरत है। बच्चों की फरमाइशें पूरी करने के लिए उनके अभिभावक ही उन्हें महंगी एवं रेसिंग बाइक खरीदकर देते हैं। जागरूकता शिविरों में अधिक से अधिक अभिभावकों को लाकर इस दिशा में जागरूक करने की जरूरत है। इसी तरह बंगाणा की समाज सेवा समिति के अध्यक्ष दौलत राम शर्मा, जनचेतना संस्था के एमडी मनोज शर्मा, साईं सेवा समिति बंगाणा, ग्राम सुधार सभा मलांगड़ के अध्यक्ष विजय मलांगड़, राष्ट्रीय स्वतंत्र किसान मोर्चा के अध्यक्ष सीता राम ठाकुर, अंबिका नगर साहित्य संस्कृति परिषद अध्यक्ष के स्थाई सचिव राजीव शर्मन, गणपति उत्सव कमेटी अंब जैसी संस्थाओं का मानना है कि ट्रिपल राइडिंग को रोकने के लिए सब को एकजुट होना पड़ेगा। यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस के साथ ये संस्थाएं कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं।
सामाजिक संस्थाओं का सहयोग करेगी पुलिस : एसपी
एसपी केसी शर्मा ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं को भी अपने स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर लगाने चाहिए। ऐसे शिविरों के आयोजन में इन संस्थाओं को पुलिस भी सहयोग करेगी। इन संस्थाओं के कहने पर पुलिस अधिकारी भी शिविर में जाकर लोगों को जागरूक कर सकते हैं।
पुलिस से अधिक समाज जिम्मेदार
हादसों में ट्रिपलिंग का बहुत बड़ा हाथ है। इसके लिए सामाजिक संस्थाएं पुलिस से अधिक समाज को जिम्मेदार मानती हैं। बच्चों की फरमाइशें पूरी करने के लिए अभिभावक ही उन्हें महंगी एवं रेसिंग बाइक खरीदकर देते हैं। जागरूकता शिविरों में अधिक से अधिक अभिभावकों को लाकर इस दिशा में सकारात्मक पहल की जा सकती है। पुलिस के साथ ये संस्थाएं कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं।
