
सेऊबाग (कुल्लू)। जिंदगी भर साथ निभाने की कसमें ब्यास की उफनती लहरों ने एक झटके में तार-तार कर दीं। उन्हेें क्या मालूम था कि जिस राफ्ट में वे सवार होकर सदानीरा ब्यास की लहरों से अठखेलियां करने जा रहे हैं, वहीं लहरें जिंदगी पर भारी पड़ने वाली हैं। महज 12 दिन पहले ही अलीगढ़ के सौरभ और ललिता ने सात जन्मों तक एक-दूजे का साथ निभाने की कसमें खाई थीं। शायद कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। सोमवार को राफ्ट पलटने से हादसे में सौरभ ने अपनी 22 साल की पत्नी ललिता को हमेशा के लिए खो दिया। वहीं बिहार के गया की ज्योति की पल भर में मांग उजड़ गई। हादसे के शिकार हुए सुरेश और ज्योति भी करीब डेढ़ माह पहले ही शादी के पवित्र बंधन में बंधे थे लेकिन ब्यास के लहरों ने ज्योति के सुहाग को भी छीन लिया। अपने सुहाग के गम में ज्योति सुध-बुध खो बैठी है। ललिता के पति को अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि उसने अपनी जीवन संगिनी को हमेशा के लिए खो दिया है। अपने घरों से सैकड़ों किलोमीटर दूर हिमाचल में हुए इस दर्दनाक हादसे से घायल पर्यटक सदमे में हैं। पति की मौत के बाद रो-रो कर ज्योति की आंखों में आंसू तक सूख गए हैं। सौरभ की आंखों से आंसुओं का सैलाब बह रहा है। एएसपी संदीप धवल ने बताया कि दोनों जोड़ों की कुछ ही दिन पहले शादी हुई थी। इस मुश्किल घड़ी में कुल्लू पुलिस पीड़ितों को हर संभव मदद मुहैया करवा रही है।
