
कुल्लू। साग-सब्जियों के बढ़ते दाम को नियंत्रण करने के लिए सरकारी आदेशानुसार जिला प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। सब्जी विक्रे ताओं को अब रोजाना सब्जी की रेट लिस्ट अपनी दुकान के बाहर लगानी होगी। इस पर जिला प्रशासन के अलावा एपीएमसी कुल्लू-लाहौल तथा सिविल सप्लाई विभाग नजर रखेगा। मंगलवार को इसी के तहत एपीएमसी कुल्लू-लाहौल के सचिव प्रकाश कश्यप ने भुंतर सब्जी मंडी में जाकर यहां के व्यापारियों व आढ़तियों के साथ बैठक करते हुए इस संबंध में जानकारी दी है। प्रकाश कश्यप ने कहा कि सब्जी मंडी से अब कोई भी गाड़ी बिना क्यू फार्म के बाहर नहीं जाएगा। व्यापारी व आढ़ती को पहले क्यू फार्म भरना होगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी व आढ़ती साग-सब्जी व अन्य फलों की लगने वाली बोली से 40 फीसदी तक माल बेच सकते हैं। इसमें एक फीसदी मार्केटिंग फीस, पांच फीसदी आढ़ती कमीशन, 20 फीसदी बारदाना, वाहन खर्चा व माल की लोडिंग-अनलोडिंग सहित अन्य सभी खर्चों सहित 14 फीसदी शुद्ध लाभ के रूप में बेचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर इससे अधिक रेट पर माल बेचा गया तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एपीएमसी सचिव ने कहा कि किसानों से माल खरीदने पर आढ़तियों को आर फार्म (पक्की रसीद) देनी होगी, जिसमें खरीदा गया माल का नाम, खरीद का रेट तथा किसान का नाम भी अंकित होगा। एपीएमसी कुल्लू-लाहौल के चेयरमैन यूपेंद्र कांत मिश्रा ने कहा कि अगर कोई व्यापारी व आढ़ती इसका उल्लंघन करते हुए पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर, एडीएम कुल्लू विनय सिंह ठाकुर ने कहा कि साग-सब्जी के बढ़ते व्यापारी व आढ़तियों के मनमाने दामों को स्थिर करने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सब्जी व फलों के दामों के साथ-साथ करियाना वालों पर भी यह नियम लागू होगा। उन्होंने कहा कि इसको लेकर सिविल सप्लाई नियमित रूप से रेड करता रहेगा।
