
देवाल। जीआईसी बोरागाड़ में आयोजित आपदा राहत के शिविर में ग्रामीणों ने प्रभावित गांवों का अभी तक सर्वे नहीं होने की शिकायत की। वहीं आपदा आयुक्त ने अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने पर एक प्रधानाचार्य और एक ग्राम विकास अधिकारी के वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।
आपदा आयुक्त वी. षणमुगम की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में लिंगडी न्याय पंचायत के ग्रामीणों ने आपदा के ढाई माह बाद भी देवाल-खेता- मानमती मोटरमार्ग नहीं खुलने, बमणीगाड़, उफ्थर, लिंगडी, चोटिंग, ओडर, पेयजल योजनाओं के ठीक नहीं होने की शिकायत की। प्रभावित गांवों को लोगों ने बिजली के बिलों को माफकरने और एपीएल परिवारों को बीपीएल दर पर राशन देने, प्रभावित क्षेत्रों की सर्वे कराने, मनरेगा मजदूरों का भुगतान नहीं होने और प्रभावित क्षेत्रों तक रसद पहुंचाने की मांग की है।
आपदा प्रभावित क्षेत्र में स्कूल को शिफ्ट नहीं करने में प्रधानाचार्य और मनरेगा के मजदूरों का भुगतान नहीं करने पर आपदा राहत आयुक्त ने संबंधित प्रधानाचार्य और वीडीओ का वेतन रोकने के निर्देश दिए। वहीं पटवारियों को पांच दिन में सर्वे रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। साथ ही अधिकारियों को एक सप्ताह में पेयजल योजनाओं की मरमत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य खिलाफ सिंह, चंद्रा देवी, प्रधान दान सिंह, राजू मेहरा, राजेंद्र भंडारी, लीला देवी, रामचंद्र, खडगराम, रघुवीर सिंह, आलम सिंह आदि मौजूद थे।
