
नंगल (रूपनगर)। फरवरी माह में आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में नंगल पुलिस द्वारा दर्ज किए गए एक मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए जिला रूपनगर के सेशन जज ने तीन लोगों पर आरोप तय कर उन्हें जेल भेज दिया है। तहसील नंगल के गांव मेघपुर के रहने वाले युवक आकाशवीर को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के आरोप में नामजद किए गए शारदा राणा पत्नी सुरिंद्र कुमार व संदीप राणा पुत्र सुरिंद्र कुमार के साथ-साथ सुरिंदर पाल सैंडी के खिलाफ नंगल पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
जानकारी के अनुसार शारदा राणा व संदीप राणा हिमाचल के गांव हरिपुर, देहरा जिला कांगड़ा के रहने वाले हैं। इन्हें चंडीगढ़ के सेक्टर-38 के मकान 3077 से हिरासत में लिया गया था व सुरिंदर पाल को मोहाली से काबू किया गया था। करीब आठ माह तक जिला रूपनगर के सेशन कोर्ट में चले केस पर सुनवाई करते हुए सोमवार को सेशन जज अमरजीत कौर भट्टी ने इनके खिलाफ आरोप तय कर इन्हें जेल भेज दिया है। तीनों आरोपियों को दोषी करार दिए जाने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत की ओर से सजा पर फैसला मंगलवार को सुनाया जाएगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए एडवोकेट अनुज ठाकुर ने बताया कि शारदा राणा व संदीप राणा रिश्ते में मां-बेटा हैं और आकाशवीर को आत्महत्या के लिए मजबूर करने में इनकी भूमिका प्रमुख रही है। नंगल के थाना प्रमुख सरदार केसर सिंह की ओर से उक्त केस दर्ज किया गया था। इसमें मरने वाले युवक आकाशवीर की बहन जागृति पत्नी जरनैल सिंह निवासी गांव बाथू, जिला ऊना की शिकायत को आधार बनाते हुए उक्त लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज हुआ था। अनुज ठाकुर ने कहा कि इस मामले में न्यायालय की ओर से सजा पर मंगलवार को फैसला सुनाया जाएगा।
