रहस्य बने हत्या के आधा दर्जन मामले

धर्मशाला। कांगड़ा जिला में हुई हत्याओं के लगभग आधा दर्जन मामले अभी तक पहेली बने हुए हैं। वारदात के दो से तीन माह बीत जाने के बाद भी ये रहस्य बने हुए हैं। जिला में बीते छह माह में हुए मर्डर, मिसिंग और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान के मामले पुलिस के लिए पहेली बने हुए हैं, लेकिन पीड़ितों के परिजनों को अभी पुलिस से न्याय की उम्मीद है। वहीं, इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कांगड़ा बलवीर ठाकुर ने कहा कि मामलों को जल्द सुलझाया जाएगा।
इन मामलों से नहीं उठ पाया है पर्दा
जवाली में काका मर्डर मामला
16 नवंबर 2012 को पुलिस थाना जवाली के तहत आईटीआई प्रशिक्षु काका राम का संस्थान जाते समय सुबह गांव अनूही में हत्या कर गई। अभी तक इस मामले में आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े पाए हैं।
मैकलोडगंज में मीडिया कर्मी लापता
24 नवंबर 2012 को पुलिस थाना मैकलोडगंज के तहत एक न्यूज चैनल के मीडिया कर्मी एन रवि पर्यटन नगरी में लापता हो गए। अभी तक पुलिस लापता मीडिया कर्मी को नहीं ढूंढ पाई है।
लदोह में चंचल मर्डर कांड
पुलिस चौकी पंचरुखी के लदोह गांव निवासी चंचल कुमार का मर्डर 21 दिसंबर 2012 को हुआ। अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं है।
बनेड़ में मिली युवती की लाश
पुलिस थाना देहरागोपीपुर के बनेड़ गांव निवासी एक लड़की ममता की लाश 25 दिसंबर को मिली थी, लेकिन इस संदर्भ में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
ज्वालामुखी के जंगल में मिले दो शव
पुलिस थाना ज्वालामुखी के जंगल में 31 दिसंबर 2012 को युवक और युवती के दो शव मिली। यह मामला भी रहस्य बना हुआ है।
रेलवे पुल पर मिली लाश
पुलिस थाना बैजनाथ के रेलवे पुल पर 2 जनवरी 2013 को एक व्यक्ति की लाश मिली। इसकी शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई।
चैतड़ू में खड्ड किनारे मिली युवती की लाश
पुलिस चौकी गगल के तहत 15 जनवरी 2013 को गांव चैतड़ू में खड्ड के किनारे एक प्रवासी युवती की लाश मिली, लेकिन मौत के कारणों का खुलासा अभी नहीं हो पाया।
गगल एयरपोर्ट में तोड़फोड़
पुलिस चौकी गगल के तहत 10 जनवरी 2013 को कांगड़ा एयरपोर्ट पर शरारती तत्वों ने घुसकर लैंडिंग साइट पर पौने दो करोड़ की नाइट लैंडिंग लाइट्स तोड़ दीं। पुलिस अभी तक आरोपियों को नहीं पकड़ पाई है।
इनसेट-
परीक्षा फर्जीबाड़े का चालान पेश नहीं
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के बहुचर्चित परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में दो साल से कोर्ट में चालान पेश नहीं हो पाया है। इस फर्जीवाड़े के तहत आठवीं, दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं में बिना परीक्षा दिए 208 बच्चे प्रथम श्रेणी में पास कर दिए थे। पुलिस में 8 सितंबर 2011 को केस दर्ज हुआ। इसमें शिक्षा बोर्ड के 45 कर्मचारी और 208 परीक्षार्थियों समेत ढाई सौ लोगों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश होना है, लेकिन पुलिस अभी तक चालान पेश करने को मंजूरी हासिल नहीं कर पाई है।

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