बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आसान नहीं रहा परिसंवादों का आयोजन

झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में सेमिनार का आयोजन करना आसान नहीं रह गया है। अब सिर्फ उन्हीं शैक्षणिक विभागों को सेमिनार के लिए बजट जारी किया जाएगा, जो विद्यार्थियों और शिक्षकों को इससे मिलने वाले लाभ के संबंध में बता सकेंगे। उनके दावे पर गौर करने के बाद ही बजट को स्वीकृति दी जाएगी।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में 26 शैक्षणिक विभाग हैं। यहां समय – समय पर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार आयोजित किए जाते हैं। यह सेमिनार बजट के आधार पर होते हैं। इस कारण उनकी गुणवत्ता का निर्धारण करना बहुत मुश्किल होता है। इन सेमिनारों के लिए सरकार के अलावा कई दूसरी गैर सरकारी फंडिंग एजेंसियों से भी बजट से मिलता है। जानकारों की मानें तो बजट के आधार पर होने वाले सेमिनार औपचारिकता भर होते हैं। इससे आम विद्यार्थियों व शिक्षकों का कोई भला नहीं होता है। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग व उच्चशिक्षा विभाग ने सेमिनार आयोजन को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि सिर्फ उन्हीं सेमिनार के लिए बजट जारी किये जाएं, जो गुणवत्तापूर्ण हों और जिससे विद्यार्थियों व शिक्षकों को फायदा मिले।
कुलसचिव अशोक कुमार अरविंद ने सभी शैक्षणिक विभागों के अध्यक्षों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि वह अपने विभाग की जरूरत के हिसाब से सेमिनार का प्रस्ताव बनाएं। साथ ही सेमिनार से होने वाले फायदे का वर्णन अवश्य करें, जिससे उनके प्रस्ताव को शासन के समक्ष मजबूती से रखा जा सके।

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