प्लांट में फंसा करोड़ों का दूध पाउडर, घी

रामपुर बुशहर। सरकारी उपक्रम मिल्कफेड को घी और पाउडर दूध के खरीदार नहीं मिल रहे हैं। बिक्री धीमी होने से उपक्रम के दत्तनगर और शिमला प्लांट में करोड़ों का स्टाक फंस गया है। ऐसा पहली बार सामने आया है कि मिल्कफेड के प्रोडक्ट के प्रति लोग रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इससे मिल्कफेड के अधिकारी चिंतित हैं। लेकिन, वे उम्मीद भी जता रहे हैं कि जल्द ही स्टाक निकलेगा।
मिल्कफेड के दत्तनगर मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट में इस समय करीब 13 हजार किलो घी और पचास हजार किलो दूध का पाउडर पड़ा है। इन दोनों प्रोडक्ट की कीमत करीब 126 लाख आंकी गई है। इसी तरह शिमला के टूटु स्थित प्लांट में भी लाखों का घी और पाउडर पड़ा है। जिस तरह से मिल्कफेड को अपने प्रोडक्ट की बिक्री की उम्मीद थी, उस मुताबिक इनकी बिक्री नहीं हो पा रही है। इसके चलते हजारों किलो घी और दूध पाउडर प्लांट पर ही पड़ा है। सूचना यह भी है कि मिल्कफेड ने पाउडर के दो ट्रक अपने पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के देहरादून भी भेजे हैं। बावजूद इसके स्टाक अभी काफी बचा है। इधर, स्टाक बिक्री न होने के कारण अधिकारी भी चिंतित हैं और स्टाक निकालने के लिए रास्ता खोज रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही घी और पाउडर की बिक्री बढ़ेगी।
मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक एके ठाकुर का कहना है कि स्टाक खत्म करने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। देहरादून समेत कुछ अन्य जगहों से पाउडर की डिमांड आई है। वहीं, फरवरी-मार्च महीने में राज्यभर के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भी पाउडर भेजा जाना है। इससे निश्चित तौर पर स्टाक में कमी आएगी।
मिल्कफेड कम करेगा घी के दाम
मिल्कफेड घी के दाम घटा रहा है। प्रति किलो दाम करीब 30 रुपये कम किए जा रहे हैं। अभी मिल्कफेड के प्रतिकिलो घी के दाम 330 रुपए तक हैं, जो अब 300 रुपये होंगे। मिल्कफेड का कहना है कि दाम स्टाक निकालने के लिए कम नहीं किए जा रहे हैं, लेकिन बाजार में अन्य कंपनियों के घी के दाम कम होने के दृष्टिगत यह फैसला लिया गया है।

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