तबादले पर नहीं जाने वाले मुलाजिमों पर सरकार सख्त

नाहन (सिरमौर)। जिला मुख्यालय सहित सिरमौर में लंबे समय से जमे हुए अधिकारी एवं कर्मचारियों के तबादले पर नहीं जाने को लेकर सरकार सख्त होने जा रही है। क्रमिक विभाग ने ऐसे कर्मचारियों एवं अधिकारियों की दोबारा लिस्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं।
विदित रहे कि नाहन से दो दर्जन एवं जिले से करीब सौ मुलाजिमों का सरकार ने तबादला आदेश जारी किए हैं लेकिन कुछ तबादला रोकने की ‘जुगत’ भिड़ा रहे हैं जबकि वे कांग्रेसी नेताओं के निशाने पर हैं।
विश्वसनीय सूत्रों की माने तो नाहन से जिन विभागों में यह तबादले हुए हैं उनमें शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद, लोक निर्माण, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य, राजस्व, आबकारी एवं कराधान, कृषि एवं उद्यान विभाग प्रमुख हैं। तबादले से उन कर्मियों पर गाज गिरी जिन्होंने विधानसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ अप्रत्यक्ष रूप से काम किया या फिर जो 10-12 सालों से एक ही जगह डटे हैं।
इनके बारे में शिलाई से कांग्रेस प्रत्याशी हर्षवर्धन चौहान, पच्छाद से गंगूराम मुसाफिर एवं नाहन से कुश परमार को भी जानकारी है। ऐसे में तबादला हो चुके यह कर्मचारी अब शिमला में अपनी ‘पहुंच’ का लाभ लेने की फिराक में हैं लेकिन सिरमौर से कांग्रेस के पराजित तीन दिग्गज पूर्व विधायक इन तबादलों को रोकने के सख्त खिलाफ हैं और अपनी बात मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समक्ष रख चुके हैं। ऐसे में केवल उन्हीं के तबादले रुकने की संभावना है जिनका कार्यकाल तीन-चार साल पूरा नहीं हुआ या फिर वह म्यूच्वल कर रहे हों। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हर्षवर्धन चौहान पहले ही कह चुके हैं कि भाजपा के लिए काम करने वाले कर्मचारी व अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे।
————
‘‘कर्मचारियों एवं अधिकारियों के तबादले का ‘खेल’ मेरी नीति में कभी नहीं रहा है। हां! लंबे समय से एक स्थान पर जमे कर्मियों का यदि सरकार तबादला कर रही है तो इसमें कोई गुनाह नहीं है। शार्ट टाइम एवं म्यूच्वल वाले कर्मियों पर विचार हो रहा है। नाहन निर्वाचन क्षेत्र में जो 20-22 तबादले हुए हैं वह लगभग नियम के अनुरूप हैं। ’’
कुश परमार, पूर्व विधायक नाहन निर्वाचन क्षेत्र

Related posts