पिथौरागढ़। सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि कुमाऊं क्षेत्र में आई आपदा पर सरकार का नजरिया शुरू में ढीलाढाला रहा। आपदा पीड़ित क्षेत्रों के दौरे से लौटने के बाद यहां अमर उजाला से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा के बाद के शुरुआती दिनों में इस क्षेत्र की अनदेखी की। सरकार काफी देर से जागी। लेकिन अब राहत कार्य पटरी पर आ गया है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केदारनाथ मंदिर के निर्माण और आपदा राहत की पहल को उन्होंने सियासी बताकर खारिज कर दिया।…
Read MoreCategory: Uttarakhand
आपदा से नेशनल हाईवे मटियामेट
पिथौरागढ़। आपदा ने टनकपुर तवाघाट नेशनल हाईवे को मटियामेट कर दिया है। सड़कों में जबरदस्त दरारें आ गई हैं। जगह जगह पर सड़क गायब है। नदियां लगातार सड़कों को नुकसान पहुंचा रही हैं। धारचूला, मदकोट, मुनस्यारी इलाके में यातायात व्यवस्था पटरी पर लौटने में देर लगेगी। टनकपुर तवाघाट नेशनल हाईवे बलुवाकोट से तवाघाट तक बुरी तरह तबाह हो गया है। कई स्थानों पर सड़क गायब है, सड़कों में बड़ी बड़ी दरारें आई हैं। ऐलागाड़ और तवाघाट का मोटर पुल बाढ़ में बह गया है। धारचूला से 14 किमी दूर तवाघाट…
Read Moreबारिश ने राहत कार्य में अटकाया रोड़ा
पिथौरागढ़/चंपावत। बारिश ने राहत कार्य में रोड़ा अटका दिया है। इसके चलते हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके और न ही राहत सामग्री पहुंचाई जा सकी। अब भी लोग फंसे हुएं हैं। चंपावत में भी सुबह से ही बारिश हो रही है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राजमार्ग में मलबा आया है। जिला प्रशासन ने फिर से अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में तेज बारिश की संभावना जताई है। पिथौरागढ़ जिले में अभी भी करीब 860 लोग फंसे हैं। सरकारी तौर पर फंसे लोगों का आंकड़ा 600 का है। इन्हें…
Read Moreब्याज के साथ समस्त देयकों के भुगतान के निर्देश
नैनीताल। हाईकोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट कॉपरेटिव बैंक रुड़की को तीस दिन के भीतर 10 फीसदी ब्याज के साथ याचिकाकर्ता के समस्त देयकों का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश बारिन घोष एवं न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी प्रदीप कुमार चौहान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह डिस्ट्रिक कॉपरेटिव बैंक रुड़की में शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे तथा 31 दिसंबर, 2008 को वे वहां से रिटायर हुए। याचिका में कहा कि 26…
Read Moreप्रशासन और स्वास्थ्य टीम ने किया निरीक्षण
लालकुआं। पीलिया से दो लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन एक बार फिर से एलर्ट हो गया है। उपजिलाधिकारी और डिप्टी सीएमओ मंगलवार को ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य टीम ने मृत महिला के परिजनों का ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा है। इधर, सीएमओ ने पीलिया पर नियंत्रण के लिए बुधवार को बैठक बुलाई है। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एचसी जोशी ने घोड़ानाला के साथ ही नगर के वार्ड 2 का निरीक्ष किया। उन्होंने सफाई पर ध्यान देने और बरसात में रसोई का…
Read Moreमंडी बनाएगी कूड़ा करकट से जैविक खाद
हल्द्वानी। बस कुछ समय और इंतजार कीजिए! मंडी समिति में कहीं भी कूड़ा करकट ढूंढे नहीं मिलेगा। मंडी से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़ा करकट से जैविक खाद बनाई जाएगी। इसके लिए गौला बाईपास पर प्लांट बनाने का काम चल रहा है। जैविक खाद बनाने वाले इस प्लांट पर करीब सवा दो करोड़ रुपये लागत आएगी। मालूम हो कि कुमाऊं की सबसे बड़ी मंडी समिति में नैनीताल जिले के अलावा अल्मोड़ा और बागेश्वर क्षेत्र के किसान अपनी उपज लेकर आते हैं। इसके अतिरिक्त मैदानी क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में किसान…
Read Moreखुद ही नदी में धकेल दीं जिगर के टुकड़ों की लाशें
प्रवेश कुमारी/ देहरादून। वो भयानक मंजर आंखों से ओझल नहीं होता। जिंदगी बचाने के लिए गणेशचट्टी में बारिश के बीच एक टी स्टाल में शरण ली थी। चारों तरफ रुदन-ही-रुदन, लाशें ही लाशें थीं। आंसुओं के सैलाब के बीच कुछ परिजन अपने जिगर के टुकड़ों की लाशें नदी में धकेलने लगे थे, मानों अपनी जिंदगी पर भी उन्हें ऐतबार न हो। दिल के टुकड़ों को मोक्षदायिनी के सुपुर्द कर शायद मुक्ति दिलाना चाहते थे। इसी तरह की हृदयविदारक यादें अपने साथ लेकर लौटी हैं राजेंद्रनगर देहरादून की यशोदा चंदोला, जो…
Read Moreकेदारनाथ में दो सप्ताह बाद शुरू होगी पूजा
दो सप्ताह बाद केदारनाथ मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना शुरू हो सकेगी। श्री बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि मंदिर से मलबा हटाने और शुद्धिकरण के बाद विधिवत पूजा अर्चना की जाएगी। इस संबंध में मंदिर समिति के अधिकारियों की बैठक हो चुकी है। हालांकि मार्ग अवरुद्ध होने से यहां यात्री दर्शनों को नहीं आ सकेंगे।
Read Moreफिर हुई मुसीबतों की बरसात
मंगलवार को एक बार फिर बारिश लोगों के लिए मुसीबतें लेकर आई। शहर में सुबह सवेरे कहीं जल भराव हुआ तो हीं नदियों और नाले के किनारे पानी के बहाव के साथ मकान और पुश्तें बह गए।
Read More…न जाने कब पूरा गांव नदी में समा जाए
गोविंदघाट और लामबगड़ के बीच के आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों की नींद गायब है। अंधेरा होते ही इन गांवों के लोग जंगल की शरण में चले जाते हैं। गांव के तबाह होने और फिर बच्चों के बीमार होने की आशंका के बीच इन्हें कोई पूछने वाला दूर दूर तक नजर नहीं आ रहा है। उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज बड़गासी में ही पहला भूस्खलन 1997 में हुआ था। पर उस समय एक माह बाद ही जिंदगी पटरी पर आ गई थी। अब गांव के नीचे से जा…
Read More