नई टिहरी। टीएचडीसी इंडिया भागीरथीपुरम में आयोजित हिंदी कार्यशाला में राजभाषा अधिनियम, राजभाषा संबंधी प्रावधानों, व्याकरण, हिंदी वर्तनी और पत्र-लेखन की जानकारी दी गई। भागीरथीपुरम में आयोजित हिंदी कार्यशाला का शुभारंभ अपर महाप्रबंधक विजय गोयल ने किया। उन्होंने कहा कि टिहरी कार्यालय ‘क‘ क्षेत्र में स्थित हैं, और इनमें अधिकांश कार्य हिंदी में किया जाता है। बावजूद सभी अधिकारी और कर्मचारी सम्मिलित प्रयास कर पत्र-लेखन, विभागीय कार्य एवं बोल-चाल में हिंदी प्रयोग करें। मुख्य संकाय सदस्य के रूप में आमंत्रित उत्तराखंड हिंदी अकादमी के सचिव व उत्तराखंड भाषा संस्थान देहरादून…
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बीडीसी में कृषि ऋण माफ करने का प्रस्ताव पारित किया
घनसाली (टिहरी)। भिलंगना क्षेत्र पंचायत की बैठक में आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा देने और कृषि ऋण माफ करने का प्रस्ताव रखा गया। सदस्यों ने रोष जताया कि डीएसओ के आश्वासन के बाद भी पूर्ति निरीक्षक को हटाया नहीं गया है। ब्लॉक प्रमुख नीलम बिष्ट की अध्यक्षता में हुई दो दिवसीय बैठक में पहले दिन सदस्योें ने सिंचाई, पेयजल और रसद से जुड़ी समस्याएं रखी। सरस्वती मैठाणी, गिरधर उनियाल, उत्तम सिंह, बचन सिंह रावत ने कहा कि खवाडा, डालगंाव, सरांशगांव, चंदला, वीना और डखवाणगांव में एक माह से पानी…
Read Moreपिनोला तक पैदल आवाजाही को खुला बदरीनाथ हाईवे
जोशीमठ/गोपेश्वर। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने हनुमान चट्टी से पिनोला तक पैदल आवाजाही के लिए खोल दिया है। अभी तक बदरीनाथ और गोविंदघाट से पैदल आ रहे तीर्थयात्री हाईवे क्षतिग्रस्त होने के चलते करीब दो किमी की पैदल खड़ी चढ़ाई रस्सियों के सहारे चढ़ रहे थे। शुक्रवार को बीआरओ के मजदूरों ने पिनोला के पास हाईवे की हिल कटिंग कर इसे पैदल आवाजाही के लिए खोल दिया है। अब बदरीनाथ से हनुमान चट्टी तक वाहन से और यहां से गोविंदघाट तक तीर्थयात्री पैदल आवाजाही कर सकेंगे।…
Read Moreक्षतिग्रस्त सड़कें बचाव और राहत में बाधा
गढ़वाल। बारिश के साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कें भी आपदा से बचाव और राहत कार्यों में बड़ी बाधा बनी है। गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति तो ऐसी है कि उन्हें महीनों तक दुरुस्त करना मुमकिन नहीं लग रहा है। जिला मार्गों की स्थिति भी बदहाल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों को खोलने की दिशा में तो अभी कोई कदम ही नहीं उठाए गए हैं। ऐसे में आपदा से पीड़ित ग्रामीणों की दिक्कतें और बढ़ गई है। गढ़वाल मंडल में अभी भी 454 सड़कें बंद है।…
Read More13 दिन बाद भी गांवों में नहीं पहुंची राहत सामग्री
गोपेश्वर। पहाडों पर प्रलय के बाद राहत की आस लगाये ग्रामीणों तक 13 दिनों बाद भी राहत नहीं पहुंच पाई है। गांवों को जोड़ने वाली जनपद की 45 सड़कें बंद पड़ी हैं। जिससे ग्रामीण अब भुखमरी की कगार पर खड़े हो गये हैं। राहत के नाम जिला मुख्यालय और तहसील मुख्यालयों में राहत सामग्री गोदामों में पर्याप्त मात्रा में है, लेकिन, ये सामग्री गांवों तक कैसे पहुंचेगी इसका कोई सुधलेवा नहीं है। नगर मुख्यालय के स्पोर्टस स्टेडियम में राहत सामग्री के लिये बनाए गये गोदाम में खाद्यान्न भरा है। यह…
Read Moreहेलीकॉप्टर से 281 तीर्थयात्री लाए गए जोशीमठ
जोशीमठ। खराब मौसम के चलते शुक्रवार को बदरीनाथ में रेस्क्यू अभियान बाधित होता रहा। सुबह सात बजे से शुरू होने वाला रेस्क्यू 11 बजे शुरू हो पाया। राहत अभियान के 10वें दिन चार हेलीकाप्टरों से 281 तीर्थयात्रियों को ही जोशीमठ लाया जा सका। बृहस्पतिवार को बदरीनाथ धाम से पैदल चले 720 तीर्थयात्री शुक्रवार को जोशीमठ पहुंच गए हैं। डीएम एसए मुरुगेशन ने बताया कि बदरीनाथ धाम से पैदल आ रहे तीर्थयात्रियाें के लिये प्रशासन ने पांडुेश्वर, लामबगड़ और घोडा पड़ाव आदि स्थानों पर रहने और भोजन की व्यवस्था जीजीआईसी, जीआईसी…
Read Moreआपदा पीड़ितों को मुआवजे का वितरण शुरू
टनकपुर। आपदा प्रभावितों के चिह्नीकरण के साथ ही प्रशासन ने पीड़ितों को मुआवजे का वितरण शुरू कर दिया है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार ख्याली राम ने 107 परिवारों को मुआवजा राशि के चेक प्रदान किए। गत 17 जून को उफनाई शारदा नदी से शारदा चुंगी कालोनी में काफी तबाही मची थी। आपदा से सैकड़ों परिवार बेघर हो गए, जो आज भी राहत कैंप में शरण लिए हुए हैं। मुआवजे के लिए प्रभावितों के चिह्नीकरण को लेकर बवाल मचने के बाद प्रशासन ने प्रभावितों का दोबारा चिह्नीकरण के साथ ही मुआवजे…
Read Moreअभी तक नौ करोड़ से अधिक की परिसंपत्ति का नुकसान
चंपावत। जिले में हुई प्राकृतिक आपदा और बरसात से हुए नुकसान का आंकलन संबंधित विभागों की ओर से किया जा रहा है। अभी तक जिले में नौ करोड़ 80 लाख से अधिक की सरकारी परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचने का आंकलन किया जा चुका है, जबकि अभी कई विभागों की ओर से क्षति के आंकलन का कार्य जारी है। प्रशासन की ओर से प्रभावितों को राहत राशि वितरण के साथ ही अन्य प्रकार के राहत कार्य तीव्रता से किए जा रहे हैं। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने सभी विभागीय अधिकारियों को…
Read Moreखुद भी बचे और फंसे यात्रियों को भी बचाया
टनकपुर। आपदा राहत प्रशिक्षण के लिए पिंडारी घाटी गए चंपावत जिले के साहसी युवाओं ने वहां फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई। युवाओं की इस टीम ने लकड़ी की बल्लियों से पुल तैयार कर रस्सी के सहारे उफनाई पिंडारी और कफनी नदी को पार कराया। रियल एडवेंचर संस्था के तत्वावधान में राजजात यात्रा की तैयारी के तहत जिले के 30 बच्चों और चार प्रशिक्षकों की टीम प्रशिक्षण के लिए बागेश्वर जिले के पिंडारी ग्लेशियर गई थी। टीम में शामिल टनकपुर निवासी प्रशिक्षक मौनी अरोरा ने लौटने पर…
Read Moreकटाव से जगबूड़ा पुल की प्रोटेक्शनवाल को खतरा
बनबसा। हुड्डीनदी के कटाव से जगबूड़ा पुल को खतरा पैदा हो गया है। पुल के दक्षिणी छोर पर बनाई गई सुरक्षा दीवार नदी के कटाव की चपेट में आ गई है। जल्द ही रोकथाम नहीं की गई तो पुल को गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा। 2008 की बाढ़ से पुल का दक्षिणी हिस्सा ध्वस्त हो गया था, जिससे लोगों को यातायात की भारी असुविधा का सामना करना पड़ा था। एनएच 125 पर मैदान को पहाड़ से जोड़ने वाला सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जगबूड़ा पुल पर फिर गंभीर खतरा मंडराने लगा…
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