चारों और आपदा से घिरा सेम गांव

उत्तरकाशी। भूस्खलन तथा जलकुर नदी में हो रहे कटाव से सेम गांव पनर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीण हल्की सी बारिश में गांव को छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर हैं। ग्राम पंचायत ठांडी के लगभग 120 परिवारों वाले सेम गांव के ग्रामीण बरसों से प्रकृति का कहर झेल रहे हैं। जून में तीन दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से गांव का अस्तित्व अब पूरी तरह से खतरे में आ गया है। गांव के ऊपर की पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है और नीचे उफनती जलकुर नदी…

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हाईवे खोलना तो दूर पगडंडी भी नहीं बन पा रही

उत्तरकाशी। बारिश और भागीरथी के उफान ने गंगोत्री हाईवे इस कदर ध्वस्त हो गया कि इस पर लंबे समय तक तीर्थयात्रा तथा सीमाओं की ओर सुरक्षित आवाजाही में मुश्किल खड़ी हो गई हैं। चिन्यालीसौड़ से लेकर डबराणी, सुक्की तक एक दर्जन ऐसे बड़े भूस्खलन क्षेत्र विकसित हो गए हैं कि यहां सड़क तो क्या सीमा सड़क संगठन दो माह में पगडंडी भी तैयार नहीं कर पाया है। अक्टूबर में हाईवे शुरू करने के दावे तो अभी दूर की कौड़ी लग रहे हैं। जिला मुख्यालय तक गंगोत्री हाईवे की दशा चिन्यालीसौड़,…

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देश की दुर्दशा के लिए कांग्रेस जिम्मेदार : बची सिंह

द्वाराहाट। भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री बची सिंह रावत ने देश और राज्य की दुर्दशा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। यहां लोनिवि विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि भारत को विशिष्ट देशों की श्रेणी तक पहुंचाने और विकास के लिए भाजपा को लोकसभा चुनाव में बहुमत से विजयी बनाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आजादी के बाद से अब तक सबसे अधिक देश में राज किया, लेकिन इन 67 वर्षों में कांग्रेस ने भारत को आर्थिक गुलामी की ओर अग्रसर कर दिया…

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ग्रामीणों ने केदार मार्ग पर लगाया जाम

भिकियासैंण। शिक्षा, पानी, स्वास्थ्य सहित तमाम बुनियादी सुविधाओं के लिए रामगंगा चहुंमुखी विकास संघ के नेतृत्व में यहां केदार में चक्काजाम कर आंदोलन का बिगुल फूंका गया। बाद में उपजिलाधिकारी सीएस डोभाल के आश्वासन के बाद जाम खोल दिया गया। ग्रामीणों ने रामनगर-चौखुटिया मार्ग पर वृद्ध केदार शिव मंदिर के सामने एकत्रित होकर झूला पुल, बेल-नैकणा-बमनचौना मार्ग, भिकियासैंण-चौखुटिया मार्ग को सुधारने, विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति करने, रामगंगा के किनारे तटबंध बनाने, अस्पतालों में डाक्टर भेजने, पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर एक घंटे तक चक्काजाम कर दिया। इस…

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धान की फसल को नहीं मिल पा रहा पानी

सोमेश्वर। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत बारिश से क्षतिग्रस्त दो दर्जन सिंचाई नहरें लंबे समय बाद भी दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। इस कारण घाटी क्षेत्र में लगाई गई धान की फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। खेती बारिश पर ही निर्भर हैं। नहरें ठीक नहीं होने से काश्तकारों में रोष है। उन्होंने सिंचाई विभाग से जल्द नहरें दुरुस्त करने की मांग की है। घाटी क्षेत्र के अधिकांश काश्तकार खेती पर ही निर्भर हैं। क्षेत्र के तीन सौ हेक्टेयर इलाके में सिंचाई के लिए 25 नहरें बनी हैं।…

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कुछ हट के हैं अल्मोड़ा के बैडमिंटन खिलाड़ी

अल्मोड़ा। बैडमिंटन में अल्मोड़ा में कुछ न कुछ तो खास है जो कि यहां के खिलाड़ी देश भर में छाए हुए हैं। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने हाल ही में राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आधार पर देश के बैडमिंटन खिलाड़ियों की जो रैंकिंग जारी की है उसमें अल्मोड़ा के कम से कम आठ खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्गों में राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में स्थान बना चुके हैं। लक्ष्य सेन अंडर-13 में नंबर वन हैं तो कनिका कनवाल गर्ल्स अंडर-15 में टॉप रैंक पर हैं। जबकि अक्षिता भंडारी दूसरे स्थान पर हैं।…

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इनसे कब मिलेगी आजादी

आज हम स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। आजाद हवा में सांस लेते हुए हर्ष की अनुभूति हो रही है। 15 अगस्त 1947 से पहले गुलामी की जंजीरों में जकड़े भारतीयों को कितने कष्ट सहने पड़े होंगे, उनके बारे में सोचकर ही रूह कांप उठती है। आज देश तो आजाद हो गया है लेकिन शहर में कई समस्याओं का मकड़जाल इस तरह जकड़ा है कि उनसे मुक्ति की चाह हर हरिद्वारवासी रखता है। स्वतंत्रता दिवस पर आम आदमी जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों से इन समस्याओं से मुक्ति दिलाने की दिशा में…

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चंडी जंगल में बनी थी पहले गदर की योजना

हरिद्वार। सन 1857 में गदर हुआ था। इसकी काफी योजनाएं मेरठ में बनी। किंतु महत्वपूर्ण योजनाओं को हरिद्वार के चंडी वन में अंजाम दिया गया। बाद में करीब 110 वर्ष पूर्व कई क्रांतिकारी स्वामी श्रद्धानंद से दिशा-निर्देश लेने पार कांगड़ी गुरुकुल आते रहे। इतिहासकारों के अनुसार 1855 में जुत्शी बाबा के नेतृत्व में पांच प्रमुख क्रांतिकारियों ने चंडी के जंगल में बैठकर पहले गदर को अंजाम देने की योजनाएं बनाई। इनमें महाराजा लंढौरा भी शामिल थे। बुलंदशहर के प्रमुख क्रांतिकारी दयाल साहू समन्वयक की भूमिका निभा रहे थे। बाद में…

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खनन माफिया ने फिर दिखाया दुस्साहस

रुड़की। घाड़ क्षेत्र की नदियों में खनन करने को माफिया कितने आतुर हैं, इसका उदाहरण तब देखने को मिला जब माफिया ने खेत से मलबा हटाने की आड़ में मोहड़ रो और सूक नदी का सीना छलनी करने की कोशिश की। गोकुलवाल के निकट तो माफिया ने चार घंटे जेसीबी से अवैध खनन कर एक क्रशर में खनन सामग्री को ठिकाने लगा दिया, लेकिन प्रशासन के छापे और ग्रामीणों के विरोध के चलते माफिया भाग खड़े हुए। घाड़ क्षेत्र की मोहंड-रो और सूक नदी में खनन बंद है। जिससे सभी…

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बिजली ने हर किसी को किया बेहाल

रुड़की। शहर से देहात तक हर जगह बिजली रुला रही है। शहर में घंटों अघोषित कटौती के साथ लो-वोल्टेज के चलते उपभोक्ताओं का पसीना निकल रहा है। गांवों में ऊर्जा निगम के अधिकारियों की लापरवाही भारी पड़ रही है। ओवरलोड के चलते फुंकने वाले ट्रांसफार्मरों को कई दिनों बाद भी बदला नहीं जा रहा है। गांवों के हजारों उपभोक्ताओं को अंधेरे में रातें काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। पिछले तीन-चार महीनों से शहर में घंटों कटौती की जा रही है। ऊपर से कटौती का समय तय नहीं होने…

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