
कुल्लू। भगवान रघुनाथ की नगरी कुल्लू मंगलवार को होली के रंगों में रंगी रही। होली के इस पावन बेला पर शहरवासियों और दूर दराज गांव के लोगों ने अपने गिल-शिकवे मिटाकर एक दूसरे को गले मिलकर गुलाल लगाया।
गीत संगीत और ढोल नगाड़ों के साथ पारंपरिक वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियों के साथ गुजरती होली की टोलियां यहां आकर्षण का केंद्र बनी रही। देश और प्रदेश में भले ही होली उत्सव 27 मार्च को मनाया जा रहा हो लेकिन कुल्लू में होली हर साल परंपरा के तहत एक दिन पहले मनाई गई। सोमवार और मंगलवार को कुल्लू शहर तथा जिला के ग्रामीण इलाकों में होली की धूम मची रही। उत्सव में बढ़ी लोगों की चहल-पहल से शहर की रौनक भी देखते ही बनती थी। होली के शुभ अवसर पर भगवान रघुनाथ के मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ा था। सुबह से ही अधिष्ठाता देवता को गुलाल लगाने के लिए लोगों में होड़ मची रही। यहां इस मौके पर फाग पर्व मनाने की भी परंपरा है।
शहरवासी अशोक, गौरी, देव राज, रॉकी जगदीश, लाल चंद तथा दौलत भारती ने कहा कि होली पर्व धूमधाम से मनाया। होली के मौके पर उन्होंने बुजुर्गों को रंग लगाकर आशीर्वाद लिया। इसके वह दोस्तों संग टोली बनाकर रंग को साथ लेकर शहर में निकले।
