दो चरस तस्करों को दस साल का कारावास

कुल्लू। एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मामले में अभियोग साबित होने पर न्यायालय ने दो लोगों को दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों को एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को 6 माह के साधारण कारावास की सजा भी भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी एनएस वर्मा ने जोरदार पैरवी करते हुए आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग साबित किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलदेव सिंह के न्यायालय ने शुक्रवार को दिए अपने अहम फैसले में चरस तस्करी का अभियोग साबित होने पर हाउस नंबर 192 हनुमान मंदिर महिपालपुर नई दिल्ली के रविंद्र कुमार और हाउस नंबर सीटी कोआपरेटिव सोसाइटी 55 गुड़गांव के चिराग ग्रोवर को दस साल कैद की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी करते हुए जिला न्यायवादी एनएस वर्मा ने न्यायालय में दस गवाह पेश किए। उनकी ठोस दलीलों को न्यायालय ने स्वीकार करते हुए फैसले पर मुहर लगा दी। केस के अनुसार 22 अप्रैल 2012 को पुलिस की टीम वीवीपीआई ड्यूटी के दौरान मणिकर्ण घाटी में नाका लगाकर वाहनों की तलाशी कर रहे थे। इसी दौरान मणिकर्ण घाटी में कार को तलाशी के लिए रोका तो कार में सवार दो लोगों से 2 किलो 177 ग्राम चरस बरामद की गई।
मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 20 के तहत मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने बाद में इसका चालान न्यायालय में पेश किया। करीब एक साल बाद न्यायालय ने इस पर फैसला सुनाया। एसपी अशोक कुमार ने कहा है कि नशीले पदार्थों के गोरखधंधे में संलिप्त लोगों के खिलाफ पुलिस अपने इस अभियान को आगे भी जारी रखेगी।

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