
कुल्लू। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को विश्व धरोहर घोषित करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। द-सराज हिमदर्शन इको-टूरिज्म को-ऑपरेटिव सोसायटी के प्रधान बीरबल ठाकुर व कुल्लू होटल एसोसिएशन पूर्व टैक्सी यूनियन प्रधान युवराज बौद्ध ने कहा कि जिला के मणिकर्ण, बंजार और सैंज घाटियों में स्थित ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को विश्व धरोहर घोषित करना अति आवश्यक हैं। यह क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन की दृष्टि, वन्य प्राणी, जड़ी-बूटियाें और विभिन्न प्रकार के वनों के कारण विश्व विख्यात है। ऐसे मेें इसे विश्व धरोहर का दर्जा मिलना चाहिए। नेशनल पार्क के आसपास मणिकर्ण घाटी में पार्वती और इसकी उपनदियों तथा बंजार में तीर्थन नदी विश्व विख्यात ट्राउट मच्छली के उत्पादन के लिए मशहूर है। इससे देश-विदेशों में ट्राउट का निर्यात कर यहां की बेरोजगारी को भी दूर किया जा सकता है। इको टूरिजम, ग्रामीण खान-पान सहित, साहसिक खेलों और धार्मिक पर्यटनों के माध्यम से इस क्षेत्र चहुंमुखी विकास की संभावनाएं हैं। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को विश्व धरोहर घोषित करने को लेकर अमर चंद शर्मा, संजीव पंाडे, अजय श्रीवास्तव, संदीप शर्मा और अंकित सूद ने प्रदेश व केंद्र सरकार से आग्रह किया है।
