
सैंज (कुल्लू)। भारी भूस्खलन के चलते बिहाली स्थित चार कार्यालयों को खतरा हो गया है। पार्वती जल विद्युत परियोजना की ओर से आवंटित किए गए इन कार्यालयों में कार्यरत 50 अधिकारी और कर्मचारी खौफ के साए में काम कर रहे है। बिहाली में स्थित कंपनी के भू-अर्जन, यांत्रिकी विभाग के अलावा एनएचपीसी के कार्यालयों के ठीक ऊपर वाली पहाड़ी से दो दिन से चट्टानें गिर रही हैं। कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों का कहना है कि चट्टानें सीधी कार्यालयों के ऊपर आ रही है, जिससे यहां काम करना जोखिम भरा हो गया है। भूस्खलन से कर्मचारी दहशत में है। भू-अर्जन विभाग के नायब तहसीलदार गोपाल शर्मा ने बताया कि पहाड़ी से दो दिन से लगातार भूस्खलन हो रहा है। ताजा भूस्खलन से जान माल का कोई नुकसान नही हुआ है। मगर संभावित खतरे के मद्देनजर कर्मचारी दहशत में है। दो वर्ष पूर्व भी यहां भारी भूस्खलन होने से कार्यालयों में रखे रिकार्ड को काफी नुकसान हुआ था। यहां कार्यरत कर्मचारी एनएनपीसी प्रबंधन से कई बार कार्यालय स्थानांतरित करने की गुहार लगा चुके है, मगर उनकी मांग को अनसुना किया जा रहा है। यहां कभी बड़ा हादसा हो सकता है। उधर, एनएचपीसी के पीआरओ कुलदीप शर्मा ने बताया कि प्रबंधन भूस्खलन को रोकने के लिए उपाए तलाश रहा है।
