कृषि मंत्री का रास्ता रोकने के मामले में महिलाओं ने गिरफ्तारी देने का आंदोलन छेड़ दिया

केलांग (लाहौल-स्पीति)

मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा

हिमाचल के कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा का रास्ता रोकने के मामले में कार्रवाई के खिलाफ काजा में महिलाओं ने गिरफ्तारी देने का आंदोलन छेड़ दिया है। इस मामले में अब तक 80 महिलाओं समेत 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 123 को नामजद हैं। इस कार्रवाई के विरोध में करीब 75 और महिलाएं खुद गिरफ्तारी देने का तैयार हैं।

मंत्री बीते नौ जून को ग्रांफू-काजा-समदो मार्ग को बीआरओ से लोनिवि को देने के फैसले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे मजदूरों से मिलने जा रहे थे। रास्ता रोकने के बाद उन्हें लौटना पड़ा था। लिहाजा, काजा पुलिस ने इस मामले में 123 लोगों पर सीआरपीसी की धारा 41 ए के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद लोगों को छोड़ दिया है। यह गिरफ्तारी पिछले कुछ दिनों से चल रही है। एसपी लाहौल-स्पीति राजेश धर्माणी ने कहा कि करीब 123 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसमें लगभग 60 फीसदी संख्या महिलाओं की है।
उन्होंने कहा कि जांच पूरी कर जल्द ही न्यायालय में चालान पेश किया जाएगा। कांग्रेस के पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि क्या अब मोदी राज में लोकतंत्र में जनता से विरोध करने का भी हक छिन गया है। उन्होंने कहा कि सत्ता के खिलाफ आवाज उठाने पर महिलाओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। महिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि किरण ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों का सरेआम हनन हो रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता अनिल सहगल ने कहा कि अगर सरकार ने एफआईआर वापस न ली तो लाहौल में भी कार्यकर्ता गिरफ्तारी देंगे।
कानूनी लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस : राठौर
शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने पुलिस मामलों की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस इन महिलाओं की कानूनी लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का महिला विरोधी चेहरा उजागर हो गया है। काजा में महिलाओं ने कोई कानून नहीं तोड़ा है। उन्होंने कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए कानून की रक्षा की है। यह सब भाजपा मंत्री के इशारे पर एक बदले की कार्रवाई है।

 

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