
शिमला

कोरोना महामारी के बीच अनलॉक-1 में प्रदेश भर में पिछले एक सप्ताह से शुरू हुई परिवहन सेवा सवारियां नहीं मिलने के कारण हांफने लगी है। बसों में 60 फीसदी सवारियां ही बिठाने के निर्देश के चलते जहां निजी बस ऑपरेटरों ने पूरे प्रदेश में अपनी बसें नहीं चलाने की बात कही है, वहीं हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) को भी कई रूट सवारियां नहीं मिलने के कारण बंद करने पड़ गए। सोमवार को निगम ने प्रदेश भर में 1400 रूटों पर बसें ही नहीं भेजीं। कई रूटों को मर्ज करना पड़ा। इस कारण निगम को बसों की समयसारिणी में बड़ा बदलाव करना पड़ा। बुधवार से नई समयसारिणी से बसें दौड़नी शुरू हो जाएंगी। परिवहन विभाग के निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया ने बताया कि बसों के समयसारिणी और रूट मर्ज करने का कार्य आरटीओ और आरएम को सौंपा गया है। शिमला डीएम दलजीत सिंह ने बताया कि जहां सवारियां नहीं मिल रही हैं, उन रूटों को बंद किया गया है। कई रूट मर्ज किए गए हैं। जैसे-जैसे सवारियां बढ़ेंगी, रूटों रूट सुचारु करते जाएंगे।
एचआरटीसी चलाएगा फिक्स टाइम बसें
कोरोना संकट के बीच लोगों को परिवहन सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए एचआरटीसी ने फिक्स टाइम पर बसें चलाने का निर्णय लिया है। एचआरटीसी की बसें शिमला से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना होंगी। बसों की रवानगी का समय निर्धारित कर समय सारणी तैयार की गई है। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से राजधानी शिमला के लिए रवाना होने वाली बसों की भी समय सारणी तैयार की गई है। एचआरटीसी ने 10 जून को रवाना होने वाली बसों की समय सारणी जारी की है। मंगलवार को इस समय सारणी में नए रूट भी जोड़े जाएंगे, ताकि प्रदेश के सभी क्षेत्रों को बस सेवा से जोड़ा जा सके। एचआरटीसी शिमला के क्षेत्रीय प्रबंधक देवासेन नेगी ने बताया कि समय सारणी निर्धारित कर बसों का संचालन किया जाएगा।
शिमला से जाने वाली बसों की समयसारणी
शिमला से चंबा सुबह 7:00 बजे, शिमला से पठानकोट सुबह 7:30 बजे, शिमला से बैजनाथ सुबह 8:30 बजे, शिमला से कुल्लू 8:10, शिमला से सियोह सुबह 8:45, शिमला से देहरा दोपहर 12:00 बजे, शिमला से मनाली सुबह 10:00 बजे, शिमला से चामुंडा 1:30, शिमला से धर्मशाला 11:15, शिमला से सुंदरनगर दोपहर 12:20, शिमला से हमीरपुर दोपहर 2:30, शिमला से मंडी दोपहर 2:00 बजे, शिमला से बिलासपुर दोपहर 3:45, शिमला से परवाणू सुबह 7:30 बजे, 9:00 बजे, 11:00 बजे, 12:00 बजे, 1:10, 3:20 और शाम 4:00 बजे। शिमला से पांवटा 3:30, शिमला से रिकांगपिओ सुबह 7:30 और सुबह 10:30 बजे शिमला से रोहड़ू सुबह 10:30 बजे, दोपहर 12:40, 2:00 और 3:30 बजे, शिमला से करसोग सुबह 7:00 बजे, शिमला से नालागढ़ दोपहर 12:40 और 3:10, शिमला से सोलन शाम 6:00 बजे।
बाहरी क्षेत्रों से शिमला के लिए रवाना होने वाली बसों की समय सारणी
चंबा से शिमला सुबह 7:00 बजे, पठानकोट से शिमला सुबह 7:00 बजे, नाहन से शिमला 7:15 और 9:30, रामपुर से शिमला सुबह 7:40, रोहड़ू से शिमला सुबह 7:00, 10:00 और दोपहर 2:00 बजे, मनाली से शिमला सुबह 7:00 बजे, कुल्लू से शिमला सुबह 8:00 बजे, मनाली से शिमला सुबह 8:00 बजे, कुल्लू से शिमला सुबह 9:00 बजे, मंडी से शिमला सुबह 7:00 बजे, रिकांगपिओ से शिमला सुबह 7:15 और 8:15 बजे, हमीरपुर से शिमला सुबह 7:00 बजे, नगरोटा से शिमला सुबह 7:00 बजे, धर्मशाला से शिमला सुबह 7:00 बजे, ऊना से शिमला सुबह 7:00 बजे, सुंदरनगर से शिमला सुबह 7:00 बजे, बिलासपुर से शिमला सुबह 7:00 बजे, देहरा पठानकोट जसूर से शिमला सुबह 7:00 बजे, बैजनाथ से शिमला सुबह 7:00, 7:30 बजे, पालमपुर से शिमला वाया मंडी सुबह 7:00 बजे, नगरोटा से शिमला सुबह 7:00 बजे, करसोग से शिमला सुबह 7:00, 11:30 बजे और दोपहर 2:00 बजे, परवाणू से शिमला सुबह 7:00 और 7:30 बजे, सोलन से शिमला सुबह 7:00 बजे, 7:45, 10:00 बजे और शाम 5:05 बजे, नेरवा से शिमला सुबह 7:00 बजे और 10:30 बजे(इनके अतिरिक्त रूटों पर रवाना होने वाली अन्य बसों का समय टाइम टेबल में दर्ज करना अभी बाकी है।)
मंत्री का किराया बढ़ाने से इंकार, नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी
हिमाचल में एक सप्ताह के भीतर परिवहन निगम को पांच करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की जनता पर वित्तीय बोझ न पड़े, इसके चलते हिमाचल में बस किराये में बढ़ोतरी नहीं की गई है। सोमवार को परिवहन विभाग व निगम के अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने की।
उन्होंने कहा कि लोगों को सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत उत्पन्न हुई इस विकट स्थिति में निगम के साथ-साथ निजी ऑपरेटर भी बेहतर कार्य कर रहे हैं। बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में सीएनजी बसें चलाने के साथ-साथ दूर-दराज क्षेत्रों में पेट्रोल पंप स्थापित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यावरण के दृष्टिगत नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद गी जाएगी। इस अवसर पर प्रधान सचिव परिवहन केके पंत, प्रबंध निदेशक यूनिस, निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया सहित अन्य अधिकारियों भी उपस्थित थे।
