सेब कार्टन बिक्री व्यवस्था में किया बदलाव

शिमला

फाइल फोटो
सरकार ने बागवानों के लिए सेब कार्टन बिक्री व्यवस्था में पहली बार बदलाव किया है। अब बागवानों को विभिन्न कंपनियों के तैयार कार्टन गुणवत्ता और रेट के अनुसार खरीदने को उपलब्ध रहेंगे।  अभी तक सरकार की कार्टन बिक्री के लिए नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रही एचपीएमसी कार्टन बनाने वाली कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित करती थी।

सबसे कम रेट देने वाली कंपनी को कार्टन आपूर्ति का काम सौंप दिया जाता था। नई व्यवस्था के अनुसार इस सीजन से विभिन्न कंपनियां बागवानों को उनकी पसंद का कार्टन उपलब्ध कराएगी। सेब के कार्टन की गुणवत्ता के हिसाब से रेट तय होंगे और बागवान अपनी पसंद का कार्टन पैकिंग के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे।
एचपीएमसी ने सेब सीजन से पहले कंपनियों से 6 जून तक कार्टन के रेट मांगे हैं। इसके बाद तय होगा कि किस कंपनी की कार्टन बागवानों की किस रेट में बेचा जाएगा। इस बार करीब 15 से 20 कंपनियां बागवानों को सेब के कार्टन की आपूर्ति करेंगी। पिछले साल तक एल-1 कंपनी ही बागवानों की जरूरत के कार्टनों की आपूर्ति करेंगे। इस बार किसी भी कंपनी से निविदा आमंत्रित नहीं की गई है। कंपनियों से कार्टन के रेट मांगे गए हैं। कार्टन की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर रेट भी तय होने हैं।
एचपीएमसी के महा प्रबंधक भुवन शर्मा कहते हैं कि इस बार किसी एक कंपनी को कार्टन की आपूर्ति का काम नहीं दिया जाएगा। पहले एल-1 कंपनी को काटर्न की आपूर्ति  देते थे। इस साल कंपनियों से कार्टन को रेट 6 जून तक मांगे गए हैं। कार्टन में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए ज्यादा कंपनियां कार्टन उपलब्ध कराएंगे। बागवानों के पास कार्टन खरीदने की पसंद रहेगी।

 

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