
शिमला

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने प्रदेश के सैकड़ों शोधार्थियों की फरियाद सुनकर लॉकडाउन के कारण रुकी फेलोशिप की किस्त को जारी कर दिया है। जूनियर रिसर्च फेलोशिप और सीनियर रिसर्च फेलोशिप की देय दो माह की किस्त की राशि को ऑनलाइन ही वेरिफाई कर सीधे छात्रों के खाते में ट्रांसफर किया जा रहा है। एचपी यूनिवर्सिटी के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. कमलजीत सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि फेलोशिप की राशि शोधार्थियों छात्रों के खाते में आएगी। इससे छात्रों को राहत मिली है।
लॉकडाउन के बाद से अब तक विश्वविद्यालय बंद होने के कारण वेरिफिकेशन न होने के कारण छात्र फेलोशिप का इंतजार कर रहे थे। विश्विद्यालय के छात्रों की इस समस्या को एसएफआई की विश्वविद्यालय इकाई ने विवि प्रशासन के समक्ष उठाया था। वहीं यूजीसी को ईमेल कर लॉकडाउन में रुकी फेलोशिप की राशि के लिए ऑनलाइन वेरिफिकेशन कर शोधार्थियों और छात्रों के खाते में जारी करने की मांग भी की थी। यूजीसी ने फेलोशिप की राशि शोधार्थियों के सीधे खाते में ट्रांसफर किए जाने को लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी है। फेलोशिप की राशि जारी होने पर अब शोधार्थियों को अपने शोध को जारी रख सकेंगे।
किसे कितनी मिलती है फेलोशिप
जेआरएफ को 31 हजार, एसआरएफ (सीनियर रिसर्च फेलोशिप) को 35 हजार दिए जा रहे हैं। रिसर्च एसोसिएट को 54 हजार रुपये स्टाइपंड दिया जाता है।छात्र संगठन एबीवीपी और एसएफआई ने फेलोशिप जारी किए जाने के यूजीसी के फैसले का स्वागत किया है। सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि अन्य आरक्षित वर्ग के छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति भी जल्द जारी की जाए।
