

पंजाब के पटियाला में नौकरियों की मांग को लेकर बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापक मुख्यमंत्री के मोती महल को घेरने के लिए निकले। लेकिन उन्होंने रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान आठ लोग घायल हो गए, जबकि 15 बेरोजगार अध्यापकों को पुलिस गिरफ्तार करके ले गई।
इसी बीच भड़के दो बेरोजगार अध्यापकों ने शाम को पसियाना पुल से भाखड़ा नहर में छलांग लगा दी। हालांकि मौके पर ही गोताखोरों ने कूद कर दोनों की जानें बचा लीं। खबर लिखे जाने तक बेरोजगार अध्यापक मोती महल के नजदीक वाईपीएस चौक पर डटे थे, जहां इन्हें रोकने के लिए लगे बैरिकेड पर भारी पुलिस फोर्स तैनात थी।
टीचरों को रोकने को नेहरू पार्क की घेराबंदी
रास्ते में बैरिकेडिंग देख अध्यापकों ने रास्ते बदले
पुलिस ने रास्ते में फव्वारा चौक और फिर बुड्डा दल स्कूल के पास बेरोजगारों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन टीचरों ने पहले ही रास्ता बदल लिया और वाईपीएस चौक तक पहुंच गए।
दो बजे हुआ पहला लाठीचार्ज
वाईपीएस चौक पर भारी पुलिस फोर्स मौजूद थी और बड़ा बैरिकेड लगा था। दोपहर करीब दो बजे जब आंदोलनकारियों ने इस बैरिकेड को तोड़कर आगे बढ़ना चाहा, तो पुलिस ने पहली बार लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई आंदोलनकारियों को चोटें लगीं। बठिंडा के लवदीप, रसप्रीत सिंह व बेअंत सिंह की पगड़ियां उतर गईं। प्रदेश प्रधान दीपक कंबोज समेत छह लोगों को पुलिस गिरफ्तार करके ले गई।
तीन बजे दूसरी बार और साढ़े पांच बजे तीसरी बार चली लाठियां
इस पर करीब शाम साढ़े पांच बजे पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज कर दिया। हालांकि भाखड़ा में कूदे दोनों युवकों को तुरंत बचा लिया गया। पुलिस के लाठीचार्ज में मानसा के अमनदीप सिंह की टांग फ्रेक्चर हो गई। इसके अलावा गुरप्रीत राम अरनेटू, केशव कुमार, देसराज जालंधर, मानसा के बेअंत समेत आठ लोग घायल हो गए। सभी को सरकारी राजिंदरा अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
वहीं प्रदेश प्रधान दीपक कंबोज, संगरूर के मनी, सुखचैन सिंह, नीलम, मनी और प्रीत समेत 15 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। देर शाम आप के नेता हरपाल सिंह चीमा घायलों का हाल जानने राजिंदरा अस्पताल पहुंचे और उन्होंने इस मौके सरकार को इस मुद्दे पर घेरा। वहीं बेरोजगार अध्यापकों का धरना भी जारी था।
