हिमाचल के 300 से ज्यादा सरकारी स्कूलों पर तालाबंदी की नौबत, शिक्षा विभाग के लिए चुनौती

शिमला
सांकेतिक तस्वीर
एसएमसी शिक्षकों को सेवा विस्तार न मिलने से हिमाचल के 300 से ज्यादा सरकारी स्कूलों पर तालाबंदी की नौबत आ गई है। सर्दियों की छुट्टियों के बाद बुधवार से प्रदेश के कई स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। 300 से ज्यादा स्कूल सिर्फ  करीब 2400 एसएमसी शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। 1800 का सेवा विस्तार 31 दिसंबर को खत्म हो चुका है, जबकि शेष 600 को 31 मार्च को खत्म हो जाएगा। ऐसे में इन स्कूलों में व्यवस्थाएं बरकरार रखना शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बन गया है।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सेवा विस्तार मामले पर विधि विभाग से राय मांगी है। सरकार ने फटकार के साथ निदेशालय को सेवा विस्तार का प्रस्ताव वापस भेज दिया है। सरकार ने हाईकोर्ट के आदेशों की जानकारी न देने और सभी तथ्यों को ध्यान में नहीं रखते हुए प्रस्ताव तैयार का निदेशालय के अधिकारियों पर आरोप लगाया है। ऐसे में अब नये सिरे से प्रस्ताव बनाने में जुटे प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने कानूनी राय लेने का फैसला लिया है।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जमवाल ने ये कहा

उधर, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जमवाल ने बताया कि एसएमसी शिक्षकों के सेवा विस्तार को लेकर कानूनी राय ली जा रही है। जल्द ही सरकार को नया प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में शिक्षकों की मौजूदगी सुनिश्चित करवाई जाएगी। स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित नहीं होने देंगे। एसएमसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज रौंगटा ने कहा कि हाईकोर्ट ने सेवा विस्तार पर रोक नहीं लगाई है। सिर्फ नई भर्तियां एसएमसी से न करने को कहा है।

ऐसे में छात्र हित में सरकार जल्द सेवा विस्तार दे। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से एसएमसी शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 300 से ज्यादा प्राइमरी, मिडल और हायर स्कूल सिर्फ एसएमसी शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। दुर्गम, दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों के जिन स्कूलों में नियमित शिक्षकों से जाने से इंकार किया वहां एसएमसी शिक्षक गए हैं।

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