

सरकार ने शिक्षकों के ऑनलाइन तबादले करने के लिए नेशनल इन्फार्मेटिव सेंटर (एनआईसी) को सॉफ्टवेयर तैयार करने की जिम्मेवारी सौंपी है। गुरुवार को प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिक्षा विभाग के कई अधिकारियों सहित एनआईसी के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रधान सचिव ने विभागीय अधिकारियों को एनआईसी के साथ जल्द शिक्षकों का रिकॉर्ड साझा करने को कहा। एनआईसी की ओर से तैयार किया जाने वाला सॉफ्टवेयर विभिन्न मानकों के आधार पर नंबर देकर शिक्षकों के तबादले करेगा।
दुर्गम, दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले शिक्षकों को अधिक अंक मिलेंगे। सामान्य क्षेत्रों में नियुक्त शिक्षकों को कम अंक मिलेंगे। इसके लिए प्रदेश को पांच जोन में बांटा गया है। बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक देने वाले अध्यापकों को 5 अंक मिलेंगे।
खत्म होगी नेताओं की जी हजूरी
शिक्षकों के तबादलों के लिए बनाए जा रहे सॉफ्टवेयर का प्रयोग शुरू होते ही नेताओं की जी हजूरी की प्रथा खत्म हो जाएगी। वर्तमान में रोजाना किसी न किसी मंत्री के पास शिक्षक तबादलों की अर्जी लेकर हाजिरी भरते हैं।
कई विधायक भी सिर्फ तबादलों के आवेदन लेकर मंत्रियों के पास पहुंचते हैं। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के कार्यालय में दिन भी तबादले की आस में आए शिक्षकों की ही भीड़ रहती है।
