

इस वित्तीय वर्ष का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (यूसी) देना होगा। पैसा जारी करने के साथ केंद्र ने हिमाचल सरकार को 25 फीसदी अपनी हिस्सेदारी भी कुल बजट में जमा करने को कहा है। इसके बाद ही इस राशि को विकास कार्यों में खर्च किया जा सकेगा।
मनरेगा के तहत हिमाचल को यह दूसरी किस्त जारी हुई है। इस राशि को 18 विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है। इसमें वर्षाशालिका, पब्लिक पाथ, सड़कों का निर्माण, रास्तों को पक्का करना, सामुदायिक भवन का निर्माण, श्मशानघाट, कूड़ादान, नालियों को पक्का करना आदि कार्य शामिल हैं।
भूमि सुधार के लिए भी मनरेगा के तहत राशि खर्च की जा सकती है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक धर्मवीर झा ने हिमाचल सरकार को यह पत्र भेजा है।
पंचायतों को जाएगा सीधा पैसा
केंद्र सरकार की ओर से जारी यह राशि सीधे पंचायतों को जाएगी। ग्रामसभाओं में राशि को खर्च करने का प्रारूप तैयार होगा। इसके बाद इसकी शेल्फ तैयार होगी। तब पैसे को विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा।
