
बेड्स की कमी के चलते मरीज़ परेशान है वो आते तो है अस्पताल में इलाज के लिए लेकिन बेड़ों की कमी के कारण एक ही बेड पर दो और कभी तीन-तीन मरीजों को लेटाया जाता है। इन दिनों डेंगू चिकनगुनिया जैसी भयानक बीमारियों ने लोगों को घेरा हुआ है लेकिन बेड के आभाव के चलते कभी ड्रग एडिशन वार्ड तो कभी ट्रॉमा सेंटर में तो कभी कही वैकलिपक व्यवस्था करने की बात की जाती है। पिछले लंबे समय से सिविल अस्पताल को 200 बेड करने की बात कही जा रही थी लेकिन अब तक नहीं हो पाएं। ऐसे में आम जनता को इसकी परेशानी झेलनी पड़ रही है और आम जनता सरकारी अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं से वंचित है।
इस मामले पर यमुनानगर के एम्.एल.ए. घनश्याम दास अरोड़ा से पूछा गया तो उनका कहना था कि अस्पताल में 200 बेड का होना चाहिए। सरकार ने स्वीकृति दी हुई है और मैंने मुख्यमंत्री जी साथ विषय उठाया था। मेडिकल कॉलेज का 300 बेड का हॉस्पिटल बने अभी ये सारा काम प्रोसेस में है और वो अपने इलाके के लोगों को परेशान नहीं होने देंगे। एम.एल.ए. साहब प्रोसेस तो जब पूरा होगा तो होगा फिलहाल बेड की कमी के चलते मरीज़ों को परेशानी हो रही है। अब सरकार का वादा आम जनता के लिए कब पूरा होगा ये तो आने वाला वक़्त बताएगा।

