
साल 1984 के सिख विरोधी दंगा पीड़ितों के लिए न्याय की एक और आस जग गई है। केंद्र सरकार द्वारा गठित एक समिति ने इन दंगों की जांच के लिए एसआईटी के गठन की सिफारिश की है।
सूत्रों के मुताबिक दंगों की जांच के लिए एसआईटी के गठन की आधिकारिक घोषणा दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद की जा सकती है। हालांकि इस दल में शामिल सदस्यों के नाम एक-दो दिनों में तय हो जाएंगे।
रिटायर्ड जस्टिस जी पी माथुर के नेतृत्व में बनी एक समिति ने सरकार को बताया कि करीब 225 मामले ऐसे हैं जिन्हें फिर से खोले जाने की जरूरत है। समिति ने यह भी बताया कि बहुत सारे ऐसे मामले हैं जिनमें काफी अहम सबूत मौजूद हैं और उनमें नए सिरे से जांच कराई जानी चाहिए।
गौरतलब है कि इस समति का गठन पिछले साल दिसंबर में तीन महीने के कार्यकाल के साथ किया गया था मगर इस समिति ने अपनी रिपोर्ट महज 45 दिनों में ही सरकार को सौंप दी।
