कुल्लू-मनाली के पर्यटन कारोबार को लगे पंख

कुल्लू। सैर-सपाटे के लिए दुनियाभर में नाम कमा चुकी कुल्लू घाटी में इस साल सैलानियों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है। 2014 का साल कुल्लू-मनाली के लिए पर्यटन कारोबार के लिए राहत भरा रहा है। इस साल 2013 के बजाए करीब तीन लाख सैलानी कुल्लू-मनाली के टूरिस्ट प्वाइंटों में सैर सपाटे के लिए पहुंचे हैं। घाटी में पर्यटकों की संख्या में आए इस रिकार्ड उछाल के पीछे जम्मू और कश्मीर में आई भयंकर बाढ़ को माना जा रहा है। बाढ़ की वजह से पर्यटकों के लिए स्वर्ग कही जाने वाली कश्मीर घाटी की ओर रुख करने वाले सैलानी ने हिमाचल की ओर रुख किया है। समर सीजन में रिकार्ड सैलानियों के पहुंचने से जिला के करीब एक हजार होटल तथा लगभग 3500 टैक्सी ऑपरेटरों को सीधा लाभ मिला है। कुछ सालों के
आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो घाटी में सालाना सैलानियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। जबकि 2014 में अब तक रिकार्ड पर्यटक घाटी घूमने पहुंचे हैं। इस साल 32,91,745 सैलानियों ने कुल्लू-
मनाली की कदमताल की है। 2013 में 29,94,907 सैलानी कुल्लू घाटी पहुंचे थे। जिला पर्यटन अधिकारी अश्विनी कुमार ने कहा कि 2014 में 3187436 देशी और 104309 विदेशी पर्यटकों ने जिला के पर्यटन स्थलों का सैर सपाटा किया है। मनाली होटलियर एसोसिएशन के प्रधान अनूप ठाकुर का कहना है कि 2014 में मनाली में रिकार्ड सैलानी पहुंचा और यहां के तमाम होटलों की आक्यूपेंसी लगभग पैक रही है। जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ के चलते देशी-विदेशी सैलानियों ने कुल्लू घाटी का रुख किया है। अनूप ठाकुर ने इस साल के समर सीजन में बेहतर पर्यटन कारोबार रहने की उम्मीद जताई है।

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