सेब ढुलाई का बढ़ा किराया,

Apple transportation fares increased upto 12 percent
जिले में इस साल बागवानों को दोहरी मार झेलनी होगी। बीते साल के मुकाबले सेब का उत्पादन कम है, उस पर फल मंडी तक सेब पहुंचाने के लिए बागवानों को बीते साल की अपेक्षा बारह फीसदी अधिक भाड़ा चुकाना होगा।

प्रशासन ने दावा किया है कि सेब सीजन से संबंधित हर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा ने कहा कि इस साल जिले में सेब की 2.30 करोड़ पेटियां उत्पादन होने का अनुमान है।

पिछले साल 3.60 करोड़ सेब पेटियों का उत्पादन हुआ था। इस साल सेब सीजन के दौरान परिवहन और अन्य प्रबंधों के नियंत्रण के लिए जिला शिमला में स्थित मुख्य सेब नियंत्रण कक्ष को क्रियाशील कर दिया गया है।

जिला प्रशासन ने पूरी की तैयारियां

The district administration has completed preparations
ठियोग के बलग के समीप नैना, चौपाल के फेडज पुल, नारकंडा और रामपुर स्थित सभी उप नियंत्रण कक्ष भी क्रियाशील कर दिए गए हैं। छराबडा, शोघी और मैहली में सेब वाहनों के नियंत्रण के लिए पुलिस बैरियर स्थापित किए गए हैं।

राज्य सरकार की ओर से जारी अध्यादेश में इस साल स्टैंडर्ड यूनिवर्सल कार्टन में पैकिंग के लिए 20 किलोग्राम की सेब पेटी (22.5 किग्रा भार) के लिए भाड़ा निर्धारित किया गया है। इस साल भाड़े की दर को पिछले साल के मुकाबले बारह फीसदी बढ़ाया गया है।

पुलिस और उप मंडलाधिकारियों को इन मानकों को सख्ती से पालन के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। जिला दंडाधिकारी दिनेश मल्होत्रा ने कहा कि जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति शिमला के निरीक्षण दल ने सब्जी की दुकानों पर मूल्य सूचियां न लगाने पर 12 मामलों में अनियमितताएं पाए जाने पर व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

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