

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्र को लेकर संसद में सत्ताधारी पक्ष और विपक्ष में ठन गई है। नृपेंद्र मिश्र की प्रमुख सचिव के तौर पर नियुक्ति में कानूनी अड़चन को समाप्त करने के लिए सरकार ने ट्राई अधिनियम में संशोधन का बिल पेश किया। विपक्षी सांसदों ने इसके खिलाफ खूब हंगामा किया व इस बिल का जोरदार तरीके से विरोध किया।
संशोधन विधेयक पेश करने से पहले भाजपा ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर सदन में मौजूद रहने को कहा था। इस संशोधन का विरोध किए जाने और उसी समय कुछ अन्य मुद्दों पर सदन में चल रहे कुछ सदस्यों के हंगामे के बीच में इस संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से पेश करने की अनुमति मिल गई।
1967 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी मिश्र 2006 से 2009 तक ट्राई के चेयरमैन रह चुके हैं। ट्राई कानून के अनुसार इसके चेयरमैन और सदस्य रिटायर होने के बाद केंद्र या राज्य सरकारों में किसी पद पर नियुक्त नहीं हो सकते हैं।
