

प्रदेश हाईकोर्ट शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में हत्या और दुराचार के आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। आखिरकार 11 वर्ष बाद दरिंदे को अपने कुकृत्य की सजा मिली और दिवगंत पीड़िता को इंसाफ मिला।
हाईकोर्ट ने सोलन के हरविंदर सिंह को दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद और 17 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश वीके शर्मा और न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी की खंडपीठ ने फास्ट ट्रैक कोर्ट सोलन के फैसले को पलटते हुए ये सजा सुनाई।
सबूतों के अभाव में छूट गए थे आरोपी

अभियोजन पक्ष की ओर से हाईकोर्ट के समक्ष रखे तथ्यों के अनुसार 17 जून, 2003 को कंडाघाट तहसील के गांव सिलहरी में दोनों आरोपियों ने ये जघन्य अपराध किया था। घटना के ढाई साल बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ा और भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 376, 454 और 511 के तहत मामला दर्ज किया।
अभियोजन पक्ष ने दो आरोपिओं पर फास्ट ट्रैक कोर्ट सोलन में अभियोग चलाया। निचली अदालत ने दोनों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। इस निर्णय को सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष अपील के माध्यम से चुनौती दी थी।
