11 साल बाद उसे मिला इंसाफ, दरिंदे को सजा

himachal high court order to life imprisonment in rap case
हिमाचल हाईकोर्ट ने एक जघन्य मामले में पहले दुष्कर्म और फिर दुराचार के बाद हत्या के मामले में निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

प्रदेश हाईकोर्ट शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में हत्या और दुराचार के आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। आखिरकार 11 वर्ष बाद दरिंदे को अपने कुकृत्य की सजा मिली और दिवगंत पीड़िता को इंसाफ मिला।

हाईकोर्ट ने सोलन के हरविंदर सिंह को दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद और 17 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश वीके शर्मा और न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी की खंडपीठ ने फास्ट ट्रैक कोर्ट सोलन के फैसले को पलटते हुए ये सजा सुनाई।

सबूतों के अभाव में छूट गए थे आरोपी

The accused were acquitted for lack of evidence
फास्ट ट्रैक कोर्ट सोलन ने दोषी हरविंदर सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने दो आरोपियों पर अभियोग चलाया था, परंतु जगजीत सिंह की मौत होने के कारण उस पर मुकदमा नहीं चलाया जा सका।

अभियोजन पक्ष की ओर से हाईकोर्ट के समक्ष रखे तथ्यों के अनुसार 17 जून, 2003 को कंडाघाट तहसील के गांव सिलहरी में दोनों आरोपियों ने ये जघन्य अपराध किया था। घटना के ढाई साल बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ा और भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 376, 454 और 511 के तहत मामला दर्ज किया।

अभियोजन पक्ष ने दो आरोपिओं पर फास्ट ट्रैक कोर्ट सोलन में अभियोग चलाया। निचली अदालत ने दोनों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। इस निर्णय को सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष अपील के माध्यम से चुनौती दी थी।

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