

प्रदेश में खुलेगा पहला आईआईएम
रेल बजट में निराशा हाथ लगने के बाद अब प्रदेश को आम बजट में भी ज्यादा कुछ नहीं मिला है। वीरवार दोपहर पेश किए गए आम बजट में हिमाचल के लिए किसी तरह के विशेष पैकेज की घोषणा नहीं की गई।
इस बजट में हिमाचल को सिर्फ एक आईआईएम मिला है। इसे स्थापित करने को लेकर जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह कहां स्थापित होगा और इस पर कितना बजट खर्च किया जाएगा, इसे लेकर भी जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
वहीं, इस बजट से प्रदेशवासियों को काफी उम्मीदें थी। खासकर बागवानों को उम्मीद थी कि सेब के आयात पर कोई शुल्क लगाया जाएगा। लेकिन फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं किया गया है।
मोदी ने हिमाचल को दिया आईआईएम का तोहफा

कटेगी जेब, ये प्रोडक्ट हुए महंगे
-मोबाइल फोन एवं कंप्यूटर के पुर्जे
-एलसीडी, एलईडी (19 इंच से कम के), रंगीन टीवी, साधारण टीवी
-मोबाइल फोन
-साबुन और खाद्य तेल
-स्टेनलेस स्टील और स्टील से बना सामान
-सौर ऊर्जा एवं वायु उपकरण
-जूता (1000 रुपये से कम कीमत के)
-डिब्बा बंद खाना
-कंप्यूटर, सोलर लैंप
-इलेक्ट्रोनिक सामान
-कीमती पत्थर
-एलसीडी, एलईडी (19 इंच से कम के), रंगीन टीवी, साधारण टीवी
-मोबाइल फोन
-साबुन और खाद्य तेल
-स्टेनलेस स्टील और स्टील से बना सामान
-सौर ऊर्जा एवं वायु उपकरण
-जूता (1000 रुपये से कम कीमत के)
-डिब्बा बंद खाना
-कंप्यूटर, सोलर लैंप
-इलेक्ट्रोनिक सामान
-कीमती पत्थर
सिमरेट समेत ये चीजें हुई महंगी
-सिगरेट, गुटका, तंबाकू, पान मसाला, सिगार
-कास्मेटिक सामग्री, सजने संवरने के सामान
-कोयला एवं कोल प्रोडक्ट
-कोल्ड ड्रिंक
-बोतल बंद जूस
-टेलीकॉम उपकरण
-रेडीमेड गारमेंट, कपड़ा
-कास्मेटिक सामग्री, सजने संवरने के सामान
-कोयला एवं कोल प्रोडक्ट
-कोल्ड ड्रिंक
-बोतल बंद जूस
-टेलीकॉम उपकरण
-रेडीमेड गारमेंट, कपड़ा
सरकार ने इनकम टैक्स में दी राहत
आम कर दाताओं को टैक्स में 50 हजार रुपये की छूट दी गई है।मौजूद कर छूट सीमा 2 लाख थी जो अब ढाई लाख हो गई है। होम लोन के 2 लाख तक के ब्याज पर कर छूट दी गई जो फिलहाल 1.5 लाख रुपये है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर छूट 2.5 लाख से 3 लाख कर दी गई है। सेक्शन 80 सी के तहत निवेश पर मिलने वाली कर छूट की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 कर दी गई है।
2.5 लाख तक ———— कुछ नहीं
2.5 लाख से 5 लाख तक — 10%
5 लाख से 10 लाख तक — 20%
10 लाख से ऊपर ———– 30%
आमदनी ————— टैक्स
2.5 लाख तक ———— कुछ नहीं
2.5 लाख से 5 लाख तक — 10%
5 लाख से 10 लाख तक — 20%
10 लाख से ऊपर ———– 30%
