
शिमला

राज्य के पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास के नवबहार स्थित भवन की टाप फ्लोर को 19 जुलाई तक नहीं तोड़ा जाएगा। निगम आयुक्त अमरजीत सिंह के कोर्ट के आदेश के खिलाफ पूर्व डीजीपी जिला कचहरी चले गए हैं।
जिला कचहरी ने 19 जुलाई तक नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। इस मामले पर 19 तारीख को आगामी फैसला लिया जाएगा। पूर्व डीजीपी पर नवबहार में अवैध निर्माण करने का आरोप है।
अवैध निर्माण करने के मामले में घिरे पूर्व डीजीपी के भवन की टाप फ्लोर (पांचवीं मंजिल) को तोड़ने के आदेश 18 जून को आयुक्त कोर्ट ने दिए थे। आयुक्त कोर्ट ने पूर्व डीजीपी के भवन की अन्य चार मंजिलों में भी अवैध निर्माण पाया है।
कोर्ट ने पूर्व डीजीपी के भवन की टाप फ्लोर को दिए गए बिजली और पानी कनेक्शन को काटने के आदेश भी दिए थे। लेकिन इसी बीच डीएस मन्हास मामले को लेकर जिला कचहरी चले गए हैं।
पूर्व डीजीपी के भवन निर्माण का मामला बीते साल अक्तूबर माह से सुर्खियों में है। नगर निगम और जिला प्रशासन ने अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच की है। दोनों जांच रिपोर्ट के बनने के बाद नगर निगम आयुक्त के कोर्ट में मामला दर्ज हुआ।
पूर्व डीजीपी का बहुमंजिला भवन नवबहार के समीप है। 1989 में पहली बार मकान का निर्माण करने के लिए नगर निगम में ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर, ए सेकेंड फ्लोर और थर्ड फ्लोर का नक्शा स्वीकृत करने के लिए दिया गया था।
आरोप है कि पूर्व डीजीपी ने स्वीकृत नक्शे के बाहर भवन का निर्माण किया है। नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगने की पुष्टि वास्तुकार एवं योजनाकार केएस चौहान ने की है।
