बीकॉम टॉपर बेटियों की सफलता का राज

शिमला

माता पिता के सपने को सच किया आंचल ने

माता पिता के सपने को सच किया आंचल ने

नालागढ़ शहर की आंचल वर्मा ने बीकॉम तृतीय वर्ष में पूरे प्रदेश में टॉप किया है। आंचल तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। भविष्य में सीए बनना चाहती हैं। पिता विपिन वर्मा नालागढ़ के रोपड़ चौक पर मोबाइल की दुकान चलाते हैं।

आंचल ने बताया कि पढ़ाई में माता-पिता, भाई और प्राध्यापकों का पूरा सहयोग मिला। उन्होंने नियमित पढ़ाई की और नोट्स के जरिए भी स्टडी की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और प्राध्यापकों को दिया है।

पिता विपिन वर्मा ने कहा कि दुकान चलाकर ही वह घर की रोजी-रोटी कमा रहे हैं। बचपन से ही आंचल पढ़ाई में बहुत अच्छी रही है। उसे प्रोत्साहित करने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी है।

अक्षिता ने शिक्षकों को दिया श्रेय

अक्षिता ने शिक्षकों को दिया श्रेय

बीकॉम तृतीय वर्ष के वार्षिक परिणामों में प्रदेश भर में द्वितीय स्थान हासिल करने वाली अक्षिता नेगी भविष्य में सीए बनना चाहती हैं। उपमंडल के न्यू नालागढ़ की रहने वाली अक्षिता नेगी के पिता मनाबर नेगी इंडियन ऑयल कारपोरेशन में मैनेजर हैं।

अक्षिता ने 1700 अंकों में से 1390 अंक हासिल किए हैं। अपनी चार बहनों में दूसरे नंबर वाली अक्षिता नेगी ने कहा कि उन्हें अपनी पढ़ाई में माता-पिता, भाई और प्राध्यापकों का पूरा सहयोग मिला। जब भी कोई दिक्कत आई तो टीचर से मिलकर उसे हल किया।

वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और प्रोफेसरों को देती हैं। नियमित रूप से रोजाना पढ़ाई में व्यस्त रहती हैप्रशासनिक अधिकारी बनेगी किसान की बेटी

प्रशासनिक अधिकारी बनेगी किसान की बेटी

बीकॉम फाइनल ईयर में ननखड़ी उप तहसील की तनवी ने प्रदेश में तीसरा स्थान पाया है। बगलती पंचायत के कोफटू गांव की तनवी ने 1700 में से 1368 अंक लिए हैं।

गोविंद बल्लभ पंत मेमोरियल कॉलेज की छात्रा ने परिवार का नाम रोशन किया है। पिता मोती लाल किसान हैं, जबकि माता रीना मेहता गृहिणी हैं। तनवी का कहना है कि वह प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती हैं।

उन्हें रिजल्ट की जानकारी अमर उजाला के माध्यम से मिली। उनका गांव रामपुर से दूर होने के कारण यह सूचना नहीं पहुंची थी। उन्होंने जमा दो रामपुर गर्ल्स स्कूल से की है।

मां की मेहनत से हासिल किया मुकाम

मां की मेहनत से हासिल किया मुकाम

बीकॉम फाइनल ईयर में प्रदेश में छठा स्थान हासिल कर गरीब परिवार की बेटी ने अपनी मां कर सिर फख्र से ऊंचा किया है। धर्मशाला के श्यामनगर की शैलजा चौधरी ने 1700 में से 1333 अंक लेकर एचपीयू में छठा स्थान पाया है। निर्मला देवी अपनी बेटियों के पढ़ाने के लिए सिलाई-कढ़ाई का काम करती हैं।

शैलजा ने अपनी सफलता का श्रेय माता की मेहनत को दिया है। साथ ही कहा कि वह अपनी मां के सहयोग से ही यह मुकाम हासिल कर सकी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने उन्हें किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं आने दी है।

उधर, धर्मशाला कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आरपी चोपड़ा और शैलजा के अध्यापक डा. एनएन शर्मा का कहना है कि शैलजा की माता निर्मला देवी की मेहनत का ही नजीता है कि उनकी बेटी एचपीयू की मेरिट लिस्ट है। उन्होंने शैलजा और उनकी माता निर्मला देवी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

टीचर बनना चाहती है दीक्षा चौहान

टीचर बनना चाहती है दीक्षा चौहान

बीकॉम अंतिम वर्ष के परिणाम में आठवें स्थान पर रही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संजौली कॉलेज की छात्रा दीक्षा चौहान का लक्ष्य शिक्षिका बनना है। अपनी सफलता का श्रेय दीक्षा ने पिता बलवंत सिंह चौहान, माता सुषमा चौहान, शिक्षक अजय को दिया।

दीक्षा का कहना है कि शिक्षक में समाज और देश को बदलने का सामर्थ्य होता है। विवि में एमकॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद दीक्षा शिक्षिका बनना चाहती हैं। मूलत: हाटकोटी जुब्बल निवासी दीक्षा ने 76 फीसदी अंकों के साथ डीएवी न्यू शिमला से बारहवीं कक्षा पास की जबकि डीएवी सरस्वती नगर से 75 फीसदी अंकों के साथ दसवीं की परीक्षा पास की।

बेटी की इस उपलब्धि पर पिता बलवंत सिंह चौहान और माता सुषमा चौहान ने खुशी जताई।मेहनत के दम पर हासिल की सफलता

मेहनत के दम पर हासिल की सफलता

बीकॉम मेरिट सूची में आठवें स्थान पर रहीं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संजौली कॉलेज की छात्रा सुकन्या सूद सीए बनना चाहती हैं। ‘मेहनत कभी बर्बाद नहीं होती’ का मूल मंत्र लेकर चलने वाली सुकन्या सूद ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत, माता-पिता और गुरुजनों को दिया।

आईएससी बोर्ड से ऑकलैंड हाउस स्कूल से 84 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण सुकन्या की इस उपलब्धि पर पिता सुनील सूद और माता पूनम सूद फूले नहीं समा रहे। माता पूनम सूद का कहना है कि उसकी कड़ी मेहनत के बूते ही वह मेरिट सूची में स्थान बना पाई है।

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