
परवाणू से शिमला एनएच-22 के फोरलेन को लेकर विरोध शुरू हो गया है। फोरलेन के विरोध में भट्टाकुफर में छकड़याल के लोगों ने प्रदर्शन और नारेबाजी की।
चमयाणा पंचायत की जन कल्याण संघर्ष समिति छकड़याल ने रविवार को भट्टाकुफर में बैठक भी की। समिति के प्रधान राजीव चौहान, महासचिव संतोष कुमार ने एनएच अथारिटी पर सर्वे बदलने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि 5 मई 2014 की अधिसूचना में एनएच-22 को चौड़ा करने/फोरलेन करने की बात थी, मगर परवाणू से शिमला तक जगह जगह एनएच के सर्वे को बदल दिया गया है।
अकेले छकड़याल चैक में ही नए सर्वे के तहत करीब 200 भवन और भूमि मालिक प्रभावित हो रहे हैं, जो अधिसूचना में नहीं था। उन्होंने कहा कि इस मामले में सीधे तौर पर पहुंच वाले लोगों को बचाने का प्रयास किया गया है।
यह सिर्फ मुआवजा न देने और सस्ते में एनएच को फोरलेन बनाने का प्रयास है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि अधिसूचना के मुताबिक एनएच को सिर्फ चौड़ा किया जाए, इसके सर्वे में कोई बदलाव न हो।
यदि सर्वे बदलना ही है, तो छकड़याल चैक में इस सर्वे को 25 मीटर तक डाउन कर सरकारी भूमि से ले जाया जाए। इससे कम से कम आबादी प्रभावित होगी।
