
शिमला

पुलिस पर मामले को लेकर लचर रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए छात्र नेताओं ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एससीए की संयुक्त सचिव मोनिका ने कहा शहर में कानून व्यवस्था चरमरा गई है।
राजधानी में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। दिनदिहाड़े छेड़खानी की घटनाएं होने के बाद अब गैंगरेप जैसे जघन्य अपराध भी होना शुरू हो गए हैं। इस मामले को लेकर पुलिस का रवैया नकारात्मक नजर आ रहा है।
महिला सुरक्षा के दावों पर उठाए सवाल
चुनावी घोषणा पत्रों में महिलाओं की सुरक्षा करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन राज्य सरकार इसको लेकर गंभीर नहीं है। सरकार की इस नाकामी के चलते लड़कियां और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है।
महिलाओं के बढ़ते अपराध के चलते शहर में स्थिति तनावपूर्ण हो रही है। शहर के सुनसान रास्तों में सुरक्षा का कोई बंदोबस्त नहीं है। एससीए ने कहा है कि अगर जल्द से जल्द गैंगरेप के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
धरना प्रदर्शन में एसएफआई की विश्वविद्यालय इकाई के सचिव होशियार सिंह, परिसर अध्यक्ष सुरेश, विपिन, विजय, स्वाति, किरण, रंजना सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
