
हमीरपुर। प्रदेश उच्च न्यायालय से नोटिस जारी होने के बाद निगम प्रबंधन भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। निगम प्रबंधन ने दावा जताया कि एचआरटीसी की जांच कमेटी ने नियमों के तहत निजी बसों के दस्तावेज जांचे। क्षेत्रीय मैनेजर (आरएम) के पास शक्तियां हैं कि अड्डे में निजी बसों के कागजात जांचे जा सकते हैं।
आरएम की मानें तो वह एचआरटीसी के किसी भी बस अड्डा में किसी भी बस के कागजात जांच सकते हैं। इसके लिए उनके पास पूरी ऑथोरिटी है। बावजूद इसके निजी बस ऑपरेटरों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। केवल वही बस ऑपरेटरों कोर्ट गए हैं जिनकी बसों के दस्तावेज अधूरे हैं। निगम प्रबंधन की सख्ती के चलते बसों को रूटों पर नहीं दौड़ा पा रहे हैं। इन ऑपरेटरों ने एचआरटीसी कमेटी पर बसों को निर्धारित रूटों पर रवाना होने के लिए देरी करने का आरोप लगाया है। जबकि कमेटी बसों को निर्धारित समय पर रूटों पर रवाना कर रही थी। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि बस चालक और परिचालकों में समयसारिणी को लेकर मारपीट की घटनाओं पर अंकुश लग सके। साथ ही निगम के रूट भी प्रभावित न हो सकें। कमेटी में बाकायदा क्षेत्रीय परिवहन विभाग के कर्मचारियों को शामिल करने को पत्र लिखा गया था। आरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों के कमेटी में शामिल न होने के बाद कमेटी ने कार्य शुरू किया था। अवैध रूप से सड़कों पर दौड़ रही कई निजी बसों को बस अड्डा से हटाया भी गया है।
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नोटिस का जवाब दिया जाएगा। निगम प्रबंधन भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। निगम के पास बस अड्डों में किसी भी बस के कागजात जांचने की शक्तियां हैं।
-प्रदीप शर्मा, आरएम हमीरपुर
