
नाहन (सिरमौर)। लोकसभा चुनाव के दौरान सिरमौर के स्थानीय मुद्दे गायब है। लाखों ग्रामीण पांचों विधानसभा क्षेत्रों में पेयजल किल्लत, जर्जर सड़कें, स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों का टोटा एवं हजारों युवाओं को रोजगार का इंतजार है। जनता से जुड़ी समस्याआें को लेकर ‘अमर उजाला’ ने आमजन की राय मांगी, तो लोगों ने बेबाकी से इस तरह अपनी बातें रखीं।
1- सिरमौर में 70 हजार से अधिक बंदरों की संख्या है। जबकि 30 हजार अन्य जानवर करोड़ों की फसलों को प्रतिवर्ष चौपट कर रहे हैं। प्रदेश की किसी भी सरकार ने आज तक इस ओर ध्यान नहीं दिया।
– राजेंद्र ठाकुर नाहन, नेता सीपीआईएम
2- पर्यावरण की दृष्टि से नाहन शहर अन्य जगहों से बेहतर है। लेकिन वरिष्ठ नागरिकों के लिए विला राउंड जैसे उपयोगी स्थल पर और अधिक साधन सुविधाएं जुटाई जाएं तो वरिष्ठ नागरिकों के लिए ओर सुगमता होगी।
– सेवानिवृत्त प्राचार्य नाहन, डा.एसके जोशी
3- सिरमौर जिले में कुटीर उद्योग के रूप खड्डी से हजारों परिवार जुड़े हुए थे। लेकिन वह समय के साथ धीरे-धीरे बंद हो गया है। आज सिरमौर में करोड़ों रुपये की दरी और चटाई बाहर से खरीदी जा रही है।
-नाहन के उभरते उद्योगपति, दिलशाद अंसारी
4- नाहन शहर में पेयजल किल्लत की समस्या है। जिससे आम जन परेशान है। गर्मियों के दौरान हर बार पेयजल किल्लत बढ़ जाती है। हो सकता है कि आने वाले दिनों में जनप्रतिनिधि और सरकार समस्या दूर करे।
– सेवानिवित्त वरिष्ठ नागरिक आरके कश्यप
5- केंद्र और प्रदेश सरकारें युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है। ऐसी योजना बनाए जिससे युवाओं को स्वरोजगार भी मिले और सरकारी नौकरियां भी। युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं, बल्कि रोजगार चाहिए।
-पांवटा के युवक राहुल मलिक
फोटो- 11 से 16 तक
