वीसी हटाओ मुहिम छेड़ेगी एसएफआई

शिमला। एसएफआई के राज्य सह सचिव पुनीत धांटा ने कहा कि कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी के तीन वर्ष के कार्यकाल ने विवि को बंद होने के कगार पर पहुंचा दिया है। आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में तानाशाहीपूर्ण फैसले लागू किए गए। छात्र समुदाय, शिक्षक और विवि कर्मचारियाें को विश्वास में नहीं लिया गया। शिक्षा के गुणात्मक सुधार और परीक्षा की प्रणाली में सुधार के नाम पर सिर्फ निजीकरण करने का प्रयास हुआ है। परीक्षा संचालन और परिणाम घोषित करने तक के कार्य प्रभावित हुए। समय से रिजल्ट घोषित नहीं हो रहे हैं। कॉलेजों में रूसा लागू किया गया। इसमें व्याप्त अव्यवस्था से हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर है। एसएफआई ने ऐलान किया किया कि विश्वविद्यालय को बचाने के लिए अब कुलपति को पद से हटाने के लिए आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलसचिव से लेकर, डीएस, डीएसडब्ल्यू सभी अधिकारी मोहरे बनकर रह गए हैं। धांटा ने कहा कि कुलपति अपने कार्यकाल में विश्वविद्यालय को कहीं से एक रुपया तक नहीं ला पाए। उल्टा विश्वविद्यालय के पैसों का बेकार की गतिविधियाें में व्यय किया गया। उनके कार्यकाल में विवि की कामधेनु कहे जाने वाले इक्डोल को बंद होने की कगार पर ला खड़ा किया गया है। कुलपति को पद से हटाने के लिए एसएफआई प्रदेश भर में आंदोलन खड़ा करेगी। इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

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