
जोगिंद्रनगर (मंडी)। रणा रोपा क्षेत्र की पंचायत नौहली के मरैंझ और डेहरी गांव के ग्रामीण तीन दिन से पानी की बूंद बूंद को तरस गए हैं। आलम यह है कि ग्रामीणों को मवेशियों को पानी पिलाने के लिए डेढ़ से दो किलोमीटर दूर लूणी खड्ड ले जाना पड़ रहा है। वहीं घर का चूल्हा चौका और पीने के लिए गांव के पास ही एक प्राकृतिक बावड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है। यहां दोनों गांव के ग्रामीणों को घंटों लाइनों में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं डेहरी गांव में बुधवार से शादी समारोह शुरू हो गए हैं। जहां मेजबानों को बिना पानी के धाम पकाने और मेहमानों की खातिर करने में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विभागीय कर्मियों को शिकायत करने के बावजूद समस्या का हल न होने से ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। ग्रामीणों में सीआर यादव, प्रेम लाल यादव, कैप्टन श्रवण कुमार, रोशन लाल, रमेश कुमार, रसालू राम, हेम सिंह, दुर्गा दास, रूप लाल, लाभ सिंह, बंशी राम, लाल सिंह, प्रेम सिंह, मान सिंह, ओम प्रकाश और शीतल कुमार ने कहा कि तीन दिनों से दोनों गांव के नलके सूखे पड़े हैं। विभागीय फील्ड स्टाफ को लगातार समस्या से अवगत करवाने के बावजूद भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। इससे ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। ग्रामीणों के मुताबिक इलाका रणा रोपा ऐसे भी ड्राउट जोन है और इस तरह की समस्याओं का ग्रामीणों को अकसर सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन को मजबूर हो जाएंगे।
विभागीय सहायक अभियंता भारत भूषण गोयल ने कहा कि उनके ध्यानार्थ ऐसी कोई समस्या नहीं लाई गई है। उन्होंने तीन दिन से पानी की सप्लाई बंद कैसे है फील्ड स्टाफ से जवाबतलबी की जाएगी। उन्होंने तुरंत प्रभाव से आपूर्ति बहाल करने के लिए जेई को आदेश देने की बात कही।
